
सोमवार की शुरुआत में बाज़ार का रुख सतर्क बना हुआ है। ट्रेडर इस सप्ताह के अहम आर्थिक आंकड़ों और घटनाओं का इंतज़ार कर रहे हैं। चीन से महंगाई के कमज़ोर संकेत और अमेरिका के मज़बूत रोज़गार आंकड़ों के बीच यह स्थिति बनी है। अमेरिका-चीन ट्रेड तनाव, यूरोज़ोन में राजनीतिक अस्थिरता और प्रोत्साहन उपायों से चीन की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की क्षमता पर संदेह जैसी चिंताएं भी बाज़ार के रुख पर दबाव डाल रही हैं।
पिछले शुक्रवार, अमेरिका के उत्साहजनक Nonfarm Payrolls (NFP) और University of Michigan के Consumer Sentiment Index के साथ Federal Reserve अधिकारियों की सख्त टिप्पणियों से अमेरिकी डॉलर को बढ़ावा मिला। San Francisco Fed की अध्यक्ष Mary Daly ने कहा कि महंगाई 2% के लक्ष्य के करीब है और श्रम बाज़ार संतुलन में है। वहीं, Cleveland Fed की अध्यक्ष Beth Hammack ने संकेत दिया कि Fed जल्द ही दरों में कटौती की रफ्तार धीमी कर सकता है। Fed की गवर्नर Michelle Bowman ने महंगाई फिर बढ़ने की आशंका जताते हुए दरों में बहुत तेज़ी से कटौती करने के प्रति आगाह किया। हालांकि, Chicago Fed के गवर्नर Alan Goolsbee ने ज़ोर दिया कि दरों में कटौती की रफ्तार आर्थिक हालात पर निर्भर करेगी।
इस माहौल में, US Dollar Index (DXY) स्थिर बना हुआ है। हाल की मामूली हलचल के बावजूद यह शुक्रवार की बढ़त बरकरार रखे हुए है।
अमेरिकी डॉलर की रिकवरी से EURUSD और GBPUSD पर दबाव बढ़ रहा है। घरेलू स्तर के नकारात्मक कारक भी गिरावट को बढ़ा रहे हैं। शुक्रवार को जर्मनी के औद्योगिक उत्पादन में अप्रत्याशित रूप से 1.0% की गिरावट दर्ज हुई, जबकि 1.2% की वृद्धि का अनुमान था। इससे पहले का आंकड़ा संशोधित होकर -2.0% था। हालांकि, यूरोज़ोन की तीसरी तिमाही की GDP का दूसरा अनुमान शुरुआती 0.4% के अनुमान के अनुरूप रहा।
इस बीच, बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) की नीति-निर्माता स्वाति धींगरा ने साफ कहा, “हमें नीति में और ढील देनी चाहिए।” दूसरी ओर, UK के व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने Financial Times (FT) को बताया कि वे ट्रंप के टैरिफ के जवाब में जवाबी कदम उठाने पर सावधानी से विचार करेंगे। इस बीच, नए बजट के चलते UK में रोज़गार धीरे-धीरे बढ़ने की चर्चा और ब्रिटिश कारोबारियों के घटते भरोसे से भी GBPUSD पर गिरावट का दबाव है।
इस बीच, USDJPY में गिरावट आई। बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) के रुख में सख्ती और येन को सहारा देने के लिए संभावित हस्तक्षेप की आशंकाओं से इस करेंसी पेयर पर दबाव पड़ा। जापान की तीसरी तिमाही की मज़बूत GDP वृद्धि और सकारात्मक Eco Watchers Survey ने भी USDJPY की गिरावट में योगदान दिया।
सावधानी भरे बाज़ार माहौल, रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया (RBA) से नरम रुख की उम्मीदों और चीन के निराशाजनक आंकड़ों के चलते AUDUSD चार महीने के निचले स्तर पर गिर गया। मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की टैरिफ़ योजनाओं से बढ़ी ट्रेड वॉर की आशंकाएं भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर बिकवाली का दबाव बनाए हुए हैं।
हालांकि, बुधवार को कंज़्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) रिपोर्ट आने से पहले अमेरिकी डॉलर में आई मामूली रिकवरी और अगले सप्ताह की FOMC बैठक से पहले फेड की ओर से कोई टिप्पणी न आने से AUDUSD को सहारा मिला है और फिलहाल आगे की गिरावट थम गई है।



ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की तरह, न्यूज़ीलैंड डॉलर (NZD) पर भी दबाव है। NZDUSD अपने सालाना निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहा है, क्योंकि ट्रेडर्स को रिज़र्व बैंक ऑफ़ न्यूज़ीलैंड (RBNZ) की ओर से ब्याज दरों में और कटौती तथा देश की आर्थिक चुनौतियों की चिंता है।
इस बीच, शुक्रवार की मजबूत बढ़त के बाद USDCAD के बुल्स 56 महीने के उच्च स्तर की ओर बढ़ रहे हैं। कनाडा की मिली-जुली रोजगार रिपोर्ट से बैंक ऑफ़ कनाडा (BoC) की नरम रुख़ को लेकर चिंताएं बढ़ीं। गिरती कच्चे तेल की कीमतें—जो कनाडा का प्रमुख निर्यात हैं—भी कनाडाई डॉलर (CAD) पर दबाव डाल रही हैं।
अमेरिकी डॉलर मज़बूत होने के बावजूद सोने की कीमतें गिरावट का विरोध कर रही हैं। इसकी वजह सोने का सेफ़-हेवन आकर्षण और चीन के सोने के भंडार में छह महीनों की पहली बढ़ोतरी है। अमेरिकी डॉलर की रिकवरी में झिझक के बीच XAUUSD के खरीदारों को उम्मीद बनी हुई है। वहीं, व्यापार युद्ध की आशंकाएँ और बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव सोने के आकर्षण को और बढ़ा रहे हैं।
OPEC+ के आपूर्ति बढ़ाने के फैसले को टालने के बाद भी कच्चे तेल की कीमतें नहीं बढ़ीं। अमेरिका में तेल उत्पादन बढ़ने और अगले साल कनाडा व गुयाना से उत्पादन बढ़ने की चिंताओं ने कीमतों पर दबाव बनाए रखा। चीन की अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताओं ने भी तेल की कीमतों में कमजोरी बढ़ाई।
पिछले सप्ताह की तेज़ी के बाद Bitcoin (BTCUSD) और Ethereum (ETHUSD) में दैनिक गिरावट दर्ज हुई। क्रिप्टोकरेंसी में हालिया उछाल को समर्थन देने वाले और संकेत मिलने के इंतज़ार में ट्रेडर्स की नज़रें बनी हुई हैं। खास तौर पर, Amazon के शेयरधारकों की कंपनी से महंगाई से बचाव के लिए अपनी बैलेंस शीट में Bitcoin जोड़ने की मांग से जुड़ी खबरें और Trump को लेकर आशावाद, खरीदारों को आगे भी बढ़त की उम्मीद बनाए हुए हैं।
सोमवार को बड़े डेटा और अहम घटनाओं की कमी के कारण बाज़ार में गतिविधि सुस्त रहने की उम्मीद है, जबकि मिली-जुली भावनाएं हावी रहेंगी। हालांकि, इस सप्ताह कई अहम घटनाओं के चलते गतिविधि तेज़ हो सकती है। इनमें मंगलवार का RBA ब्याज दर निर्णय, बुधवार का अमेरिकी CPI और गुरुवार को Swiss National Bank (SNB) तथा European Central Bank (ECB) की मौद्रिक नीति घोषणाएं शामिल हैं। गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के रोज़गार आंकड़े और अमेरिकी Producer Price Index भी जारी होंगे। वहीं, शुक्रवार को UK के मासिक विकास और उत्पादन के आंकड़े आएंगे, जिससे मोमेंटम ट्रेडर्स व्यस्त रहेंगे।
सुस्त बाज़ार स्थितियों और Fed के बढ़ते हॉकिश रुख के बीच अमेरिकी डॉलर में हालिया रिकवरी बरकरार रहने की संभावना है। चीन को लेकर जारी चिंताओं के साथ, इससे एंटीपोडियन करेंसी (AUD और NZD) और कमोडिटी पर दबाव बना रह सकता है। EURUSD और GBPUSD पर दबाव जारी रह सकता है, जबकि USDJPY रुझान के उलट चलकर बाज़ार को चौंका सकता है।
अमेरिकी डॉलर कमजोर पड़ने पर कच्चे तेल की गिरावट थम सकती है, जबकि सुरक्षित निवेश की मांग के चलते सोने में रिकवरी हो सकती है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!