
ट्रेडर ब्रिटेन, यूरोज़ोन और अमेरिका के अहम आंकड़ों और घटनाओं का इंतज़ार कर रहे हैं, ऐसे में बाज़ारों में सतर्कता बनी हुई है। अमेरिकी सौदों से जुड़ी मिली-जुली खबरें, विकास को लेकर चिंताएं और फ़ेड की सतर्क टिप्पणियां निवेशकों को सतर्क रखे हुए हैं।
बुधवार को वैश्विक बाज़ारों में उतार-चढ़ाव रहा। स्पष्ट कारणों के बिना अमेरिकी ट्रेज़री यील्ड बढ़ने से अमेरिका की आर्थिक वृद्धि और राजकोषीय घाटे को लेकर चिंताएं बढ़ीं। अमेरिका-चीन वार्ता से बेहतर हुए माहौल और ईरान के अमेरिका के साथ संभावित समझौते के बावजूद, भू-राजनीतिक तनाव—खासकर यूक्रेन, गाज़ा और पाकिस्तान में—ने आशावाद को कम किया।
बॉन्ड यील्ड बढ़ने से अमेरिकी डॉलर मज़बूत हुआ और प्रमुख करेंसी पर दबाव पड़ा, जबकि सोने, क्रूड ऑयल और क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट आई। शेयर बाज़ारों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड की करेंसी पिछली गिरावट के बाद संभलीं।
यूरोज़ोन की पहली तिमाही की GDP, रोज़गार में बदलाव और मासिक औद्योगिक उत्पादन के दूसरे अनुमान का इंतज़ार करते हुए EURUSD साप्ताहिक उच्च स्तर से पीछे हटने के बाद संभल रहा है। इसके अलावा, अमेरिकी रिटेल सेल्स, PPI, बेरोज़गारी के दावे और Fed चेयर पॉवेल का भाषण भी बाज़ार के फोकस में हैं।
अमेरिकी व्यापार समझौतों को लेकर तनाव, ECB के बयानों और अमेरिका के साथ व्यापार संघर्ष से बचने पर जर्मन चांसलर के रुख के कारण यूरो के ट्रेडर भी सतर्क हैं। हालांकि, अमेरिकी व्यापार समझौतों पर अलग-अलग विचारों और राजकोषीय घाटे की चिंताओं ने मज़बूत यील्ड के बावजूद अमेरिकी डॉलर की बढ़त को सीमित रखा है।
मिले-जुले ब्रिटिश आँकड़ों—जिनमें GDP, मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन शामिल हैं—से देश की आर्थिक संभावनाओं को लेकर संदेह बढ़ा है। इससे ब्रिटिश पाउंड (GBP) की बढ़त की रफ्तार थम गई है। BoE की Catherine Mann ने ब्रिटेन के मज़बूत श्रम बाज़ार पर ज़ोर दिया, फिर भी ये चिंताएँ GBPUSD के लिए चुनौती बनी हुई हैं। यह पिछले दिन के नुकसान की भरपाई करने और साप्ताहिक नुकसान घटाने की कोशिश कर रहा है।
इस बीच, सुरक्षित निवेश की मांग से जापानी येन (JPY) को फायदा मिल रहा है। इससे USDJPY पर तीसरे दिन भी मंदड़ियों का दबदबा बना हुआ है और यह चार हफ्तों में अपनी पहली साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रहा है। हालांकि, अमेरिका जापान और दक्षिण कोरिया के साथ ट्रेड डील के करीब है। बैंक ऑफ़ जापान का सख्त रुख भी USDJPY पर दबाव बढ़ा रहा है।
ऑस्ट्रेलिया के रोजगार की सकारात्मक रिपोर्ट और महंगाई की स्थिर उम्मीदों के बावजूद AUDUSD एक सीमित दायरे में बना हुआ है, क्योंकि RBA का नरम रुख करेंसी पर दबाव बनाए हुए है। इसी तरह, अपनी-अपनी अर्थव्यवस्थाओं से कोई बड़ा अपडेट न होने के बीच NZDUSD और USDCAD पिछली चाल को पलटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कनाडा के प्रमुख निर्यातों में शामिल तेल की कीमतों में गिरावट से USDCAD पर बिकवाली करने वालों को चुनौती मिल रही है, जबकि U.S.-Canada व्यापार समझौते को लेकर आशावाद बढ़ रहा है और पहले के आर्थिक आंकड़े सकारात्मक रहे हैं।
मज़बूत अमेरिकी डॉलर और तकनीकी स्तरों के टूटने से सोने पर दबाव पड़ा है। सोना जून 2021 के बाद अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट की ओर है और दिन के कारोबार में 1.5% गिरा। बाज़ार की पुरानी कहावत, “मई में बेचो और दूर रहो”, भी दबाव बढ़ा रही है। इस बीच, WTI कच्चा तेल 2.0% गिरा। अमेरिका के भंडार में अप्रत्याशित बढ़ोतरी और प्रतिबंध हटाए जाने पर अमेरिका के साथ समझौता करने की ईरान की इच्छा की खबर के बाद इसकी गिरावट और बढ़ गई।



Bitcoin (BTCUSD) और Ethereum (ETHUSD) पर लगातार दूसरे दिन हल्का बिकवाली का दबाव है। ये शॉर्ट-टर्म टेक्निकल रेज़िस्टेंस को पार नहीं कर पा रहे हैं। ऑन-चेन गतिविधि और लॉन्ग पोज़िशन की लिक्विडेशन से गिरावट का दबाव बढ़ रहा है, हालांकि Trump से जुड़ी उम्मीदें और ETF में मजबूत इनफ़्लो खरीदारों को उम्मीद दे रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया और UK से कई आर्थिक आंकड़े जारी होने के बाद, अब ध्यान UK, यूरोज़ोन और US की आगामी रिपोर्टों पर है। फिलहाल बाज़ार की नज़र यूरोज़ोन की पहली तिमाही की GDP, रोज़गार में बदलाव और मासिक औद्योगिक उत्पादन पर रहेगी। इसके बाद UK की NIESR GDP रिपोर्ट और कनाडा की थोक बिक्री, विनिर्माण बिक्री तथा नए घरों की शुरुआत के आंकड़े जारी होंगे। सबसे ज़्यादा ध्यान US की खुदरा बिक्री, PPI और Fed चेयर पॉवेल के भाषण पर रहने की संभावना है।
EU और अमेरिका के आँकड़े भले ही सकारात्मक तस्वीर पेश करें, लेकिन अगर पॉवेल सख़्त रुख़ बनाए रखते हैं और ब्याज दरों में कटौती की मांग को ख़ारिज करते हैं, तो EURUSD को सकारात्मक प्रतिक्रिया देने में मुश्किल हो सकती है। GBP और CAD पर भी दबाव आ सकता है। अगर आशावादी व्यापार समझौते की ख़बरों, पॉवेल की टिप्पणियों और अमेरिका के मज़बूत आँकड़ों से अमेरिकी डॉलर मज़बूत होता है, तो सोना अपने अहम $3,115 सपोर्ट स्तर से नीचे टूट सकता है। लॉन्ग पोज़िशनों के लिक्विडेशन के बीच क्रिप्टोकरेंसी पर बिकवाली का दबाव आ सकता है, जबकि इक्विटी और बॉन्ड यील्ड मज़बूत बने रह सकते हैं।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!