
शुक्रवार की शुरुआत में इज़राइल ने ईरान की नतांज़ परमाणु सुविधा पर हवाई हमले कर वैश्विक बाज़ारों को चौंका दिया। इससे अमेरिका के उन संकेतों की पुष्टि हुई कि इज़राइल संघर्ष की तैयारी कर रहा था, हालांकि वॉशिंगटन ने इसमें शामिल होने से इनकार किया। जवाब में ईरान ने इज़राइल और अमेरिका, दोनों को चेतावनी दी कि उन्हें इसकी “बहुत भारी कीमत चुकानी” होगी। इससे व्यापक संघर्ष की आशंकाएं और बढ़ गईं।
इस हमले से एशियाई बाज़ारों में जोखिम से बचने की तेज़ प्रतिक्रिया देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतें 9% से अधिक उछलकर पाँच महीने के उच्चतम स्तर पर पहुँच गईं, जबकि सोना, जापानी येन (JPY) और स्विस फ़्रैंक (CHF) जैसे सुरक्षित निवेश माने जाने वाले एसेट्स में तेज़ी आई। कमजोर आर्थिक डेटा से पहले हुए नुकसान के बाद अमेरिकी डॉलर में भी रिकवरी हुई।
ईरान की परमाणु स्थिति ने संभवतः इज़राइल की सीधी कार्रवाई को प्रेरित किया। हालिया अमेरिकी बयानों से भी इस बात को समर्थन मिला: राष्ट्रपति ट्रंप ने ज़ोर देकर कहा कि ईरान को परमाणु बम हासिल नहीं करना चाहिए, जबकि विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान को अमेरिकी हितों पर हमला करने के खिलाफ़ चेतावनी दी।
बाज़ार का दबाव और बढ़ाते हुए, Trump ने 50% स्टील टैरिफ़ को घरेलू उपकरणों पर भी लागू कर दिया (23 जून से) और कारों पर और ऊंचे टैरिफ़ लगाने का संकेत दिया। अमेरिकी वाणिज्य सचिव Lutnick ने कहा कि चीन पर टैरिफ़ की रोक जल्द खत्म हो सकती है। वहीं, वित्त मंत्री Scott Bessent ने व्यापार वार्ता में EU के रुख की आलोचना की, जिससे व्यापार तनाव और बढ़ गया।
अमेरिका के बेरोज़गारी दावों और PPI के कमजोर आंकड़ों ने पहले US Dollar Index (DXY) को 39 महीने के निचले स्तर तक गिरा दिया था। लेकिन भू-राजनीतिक तनावों से DXY को उबरने में मदद मिली। EU-US के बीच व्यापार युद्ध की चिंताओं और डॉलर की मजबूती के बीच EURUSD और GBPUSD अपने लंबे समय के उच्च स्तरों से नीचे आए। मिले-जुले जापानी आंकड़ों के बाद USDJPY सप्ताह के निचले स्तरों पर पहुंचा, फिर उबरा, जबकि AUDUSD और NZDUSD गिर गए। तेल की कीमतों में तेज़ उछाल के बावजूद USDCAD में दबाव बना रहा। तेल कनाडा का प्रमुख निर्यात है।
सोने की तेजी जारी रही और कीमत 7 हफ़्तों के उच्च स्तर पर पहुंच गई। इस बीच, जोखिम से बचने की भावना के दबाव में Bitcoin (BTCUSD) और Ethereum (ETHUSD) लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए।
कमज़ोर अमेरिकी डॉलर और तकनीकी ब्रेकआउट के चलते EURUSD और GBPUSD क्रमशः अक्टूबर 2021 और फ़रवरी 2022 के बाद के अपने सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गए। हालांकि, शुक्रवार की शुरुआत में डॉलर की रिकवरी के साथ दोनों पेयर्स में गिरावट आई।
अमेरिका-यूरोपीय संघ की निराशाजनक व्यापार वार्ता, यूरोज़ोन के मिले-जुले आंकड़ों और ECB अधिकारियों की सतर्क टिप्पणियों से EURUSD पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। यह जर्मनी और यूरोज़ोन की अहम आर्थिक रिपोर्ट जारी होने से ठीक पहले हुआ।
GBPUSD में भी गिरावट आई। ब्रिटेन के व्यापार समझौतों को लेकर आशावाद के बावजूद, गुरुवार को आए कमजोर ब्रिटिश आंकड़ों से बैंक ऑफ़ इंग्लैंड के आर्थिक परिदृश्य को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।
इस बीच, सुरक्षित विकल्प मानी जाने वाली जापानी येन की ओर निवेशकों के रुख के चलते USDJPY एक सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया। बाद में जापान के मिले-जुले आर्थिक आंकड़ों के कारण इसने कुछ नुकसान की भरपाई की—अप्रैल में औद्योगिक उत्पादन में गिरावट के विपरीत, क्षमता उपयोग दर और तृतीयक उद्योग सूचकांक में मजबूती दिखी।
जोखिम से बचने के रुझान और अमेरिकी डॉलर की मज़बूती से कमोडिटी से जुड़ी मुद्राओं पर दबाव पड़ रहा है। AUDUSD और NZDUSD दोनों में इस सप्ताह गिरावट की आशंका है। USDCAD आठ महीने के निचले स्तर से उछला है। इसने क्रूड ऑयल की मज़बूत कीमतों और अमेरिका-कनाडा के बीच व्यापार को लेकर आशावाद को नज़रअंदाज़ किया है, लेकिन फिर भी इस सप्ताह के अंत में इसके नीचे रहने की संभावना है।



क्रूड ऑयल पांच महीनों के उच्च स्तर पर पहुंच गया। दिन के कारोबार में 10% से ज़्यादा चढ़ने के बाद इसकी बढ़त कुछ कम हुई और यह लगभग $74 पर बंद हुआ, जो करीब 7% की बढ़त है। तेल के प्रमुख आपूर्तिकर्ता के रूप में ईरान की अहम भूमिका, पांच महीने के रेज़िस्टेंस से ऊपर की तेज़ी और घटते भंडार ने इस रैली को बढ़ावा दिया। हालांकि, OPEC+ के बढ़ते उत्पादन और ट्रंप के “ड्रिल बेबी ड्रिल” अभियान ने बढ़त को सीमित किया।
सोने की कीमत 22 अप्रैल के बाद के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गई। सुरक्षित निवेश की मांग के चलते इसने अमेरिकी डॉलर की रिकवरी को नज़रअंदाज़ किया। XAUUSD एक अहम रेज़िस्टेंस स्तर को परख रहा है। इसके ऊपर स्पष्ट ब्रेकआउट होने पर कीमत नई सर्वकालिक ऊँचाई पर पहुँच सकती है। दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की मजबूत मांग और अमेरिका-चीन व्यापार समझौते की उम्मीदें भी सोने की कीमतों को बढ़ावा दे रही हैं।
जोखिम से बचने की व्यापक लहर, अमेरिकी डॉलर में रिकवरी और क्रिप्टो ETF से लगातार हो रही निकासी के चलते Bitcoin (BTCUSD) और Ethereum (ETHUSD) लगातार तीसरे दिन गिरावट में रहे। बाजार में सतर्कता और अधिक जोखिम वाले एसेट्स के प्रति निवेशकों की घटती दिलचस्पी प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी पर दबाव बनाए हुए है।
बाज़ार ईरान के इज़राइल के हवाई हमले पर जवाब और अमेरिका को दी गई उसकी धमकियों के साथ-साथ वॉशिंगटन की नीतिगत रुख में किसी भी बदलाव पर बारीकी से नज़र रखेंगे। जून के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिशिगन के कंज़्यूमर सेंटीमेंट इंडेक्स और मुद्रास्फीति की उम्मीदों के शुरुआती आंकड़े भी बाज़ार की निगरानी में रहेंगे, क्योंकि वे धारणा को प्रभावित कर सकते हैं।
जर्मनी, यूरोज़ोन और कनाडा के मध्यम महत्व वाले आर्थिक आँकड़े भी जारी होंगे। हालांकि, जब तक वे उम्मीदों से काफ़ी अलग न हों, बाज़ार पर उनका असर सीमित रह सकता है। इस बीच, अमेरिका की व्यापार वार्ताओं से जुड़े किसी भी नए अपडेट से बाज़ार में अतिरिक्त हलचल हो सकती है।
अगर अमेरिका के आंकड़े मजबूत आते हैं और जोखिम से बचने का रुझान बना रहता है, तो अमेरिकी डॉलर हफ़्ते का अंत मज़बूती के साथ कर सकता है। इससे प्रमुख मुद्राओं, कमोडिटी से जुड़ी ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड की मुद्राओं तथा क्रिप्टोकरेंसी पर दबाव पड़ सकता है। हालांकि, क्रूड ऑयल और सोने में मज़बूती बने रहने की संभावना है और इनकी खरीद में दिलचस्पी बढ़ सकती है। दूसरी ओर, अमेरिका के कमजोर आंकड़े—खासकर टैरिफ़ को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच—डॉलर की मज़बूती को कम कर सकते हैं।
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