
जल्द Fed की ब्याज दर में कटौती की उम्मीदें कम होने और चीन से जुड़ी चिंताओं के बीच सोमवार की शुरुआत में वैश्विक बाज़ारों का रुख अस्थिर रहा। शुक्रवार को आए उम्मीद से बेहतर US रोज़गार आँकड़ों और इस सप्ताह के US महंगाई आँकड़ों से पहले बाज़ार के सतर्क रुख ने भी इस नकारात्मक माहौल को और मज़बूत किया। इसके बावजूद, जापान में छुट्टी के कारण एशिया में बॉन्ड बाज़ार की हलचल सीमित रहने से US Dollar चार सप्ताह में पहली साप्ताहिक बढ़त को बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा है।
इन उतार-चढ़ावों के बीच EURUSD और GBPUSD की दिशा अनिश्चित बनी हुई है, जबकि USDJPY शुक्रवार की Doji कैंडलस्टिक के संकेत के अनुरूप G10 करेंसी पेयर्स में सबसे ज़्यादा गिरा। इसके अलावा, चीन से जुड़े होने के कारण AUDUSD और NZDUSD पर दबाव बना हुआ है, जबकि USDCAD में मामूली बढ़त दर्ज हुई।
चार हफ्तों में पहली साप्ताहिक गिरावट दर्ज करने के बाद सोने की कीमत तीन महीने पुरानी rising support line को छू रही है। वहीं, मांग और आपूर्ति का समीकरण विक्रेताओं के पक्ष में जाता दिख रहा है, जिससे कच्चे तेल की कीमत में भारी गिरावट आई है।
BTCUSD और ETHUSD में लगातार चार दिनों से गिरावट दर्ज हो रही है। स्पॉट ETF की मंज़ूरी को लेकर अमेरिकी SEC की कार्रवाइयों के बीच क्रिप्टो ट्रेडर्स का आशावाद घट रहा है।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



कच्चे तेल की कीमतों में करीब 1.5% की गिरावट ने बाज़ार का ध्यान खींचा। इसकी वजह सऊदी अरब की Aramco का सभी क्षेत्रों के लिए कीमतें घटाने का ऐलान था। इसके साथ ही, Angola का OPEC से बाहर निकलना और चीन को लेकर आर्थिक चिंताएँ भी कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव डाल रही हैं।
इसके अलावा, दिसंबर के अमेरिकी रोज़गार के आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे। इससे अमेरिकी डॉलर की लगातार तीन हफ्तों की गिरावट थमी, जिससे ऑयल में मंदी की उम्मीद रखने वालों को मदद मिली। हेडलाइन Nonfarm Payrolls (NFP) का आंकड़ा संशोधित 173K से बढ़कर 216K रहा, जबकि 170K की उम्मीद थी। वहीं, बेरोज़गारी दर और औसत प्रति घंटा कमाई क्रमशः 3.7% और 0.4% पर रही, जबकि बाज़ार का अनुमान क्रमशः 3.8% और 0.3% था। इसके अलावा, नवंबर के अमेरिकी फ़ैक्टरी ऑर्डर भी विश्लेषकों के 2.1% अनुमान और पिछले -3.4% MoM आंकड़े के मुकाबले बढ़कर 2.6% हो गए। हालांकि, दिसंबर का अमेरिकी ISM Services PMI पिछले 52.7 से गिरकर सात महीने के निचले स्तर 50.6 पर आ गया, जबकि 52.6 की उम्मीद थी। इससे बाद में अमेरिकी डॉलर की बढ़त सीमित रही।
मज़बूत आर्थिक आंकड़ों के बाद, जनवरी में Fed की पहली दर कटौती की संभावना घट गई। इससे Federal Reserve (Fed) के कई अधिकारियों को अमेरिकी केंद्रीय बैंक से जल्द दर कटौती की उम्मीदों का विरोध करने और अमेरिकी डॉलर को समर्थन देने का मौका मिला।
Fed के वक्ताओं में, डलास फेडरल रिज़र्व की अध्यक्ष लॉरी लोगन ने काफी हॉकिश रुख दिखाया। उन्होंने कहा, “हाल के दिनों में वित्तीय स्थितियां आसान हुई हैं, इसलिए हमें ब्याज दर बढ़ाने की संभावना को खारिज नहीं करना चाहिए।” इसके विपरीत, रिचमंड Fed के अध्यक्ष थॉमस बार्किन ने कहा कि मुद्रास्फीति घटने का भरोसा बढ़ने के साथ दरों को अधिक सामान्य स्तरों पर लाने-ले जाने में कोई समस्या नहीं है। इसके अलावा, अमेरिकी वित्त मंत्री जेनेट येलेन ने अमेरिका की सॉफ्ट लैंडिंग पर अपनी पिछली टिप्पणियां दोहराईं और अमेरिकी डॉलर के बुल्स को खुश करने की कोशिश की।
Fed की टिप्पणियों के अलावा, चीन के वित्तीय बाज़ारों में जारी अनिश्चितता ने भी तेल की कीमत पर दबाव डाला। चीन की प्रमुख शैडो-बैंकिंग ‘वेल्थ मैनेजर’ Zhongzhi दिवालिया हो गई, जिससे देश के प्रॉपर्टी बाज़ार की गंभीर स्थिति को लेकर चिंताएँ और बढ़ गईं।
इसके उलट, ताइवान में होने वाले आम चुनावों के करीब आने से इस द्वीप को लेकर अमेरिका-चीन के तनाव के बीच भू-राजनीतिक चिंताएँ बढ़ रही हैं। इसके अलावा, ताइवान को वॉशिंगटन द्वारा हथियार बेचे जाने के बाद चीनी विदेश मंत्रालय 5 अमेरिकी सैन्य हथियार आपूर्तिकर्ताओं पर प्रतिबंधों की तैयारी कर रहा है।
व्यस्त सप्ताह के बाद, सोमवार को देखने के लिए कम अहम बातें हैं। जापान में ट्रेडिंग बंद होने से एशिया में कारोबार की सुस्ती और बढ़ गई। हालांकि, इस सप्ताह का अहम घटनाक्रम अमेरिकी कंज़्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) होगा। आंकड़े उम्मीद से मज़बूत रहे, तो इससे अमेरिकी डॉलर को और मज़बूती मिल सकती है। लेकिन मार्च में Fed की दरों में कटौती लगभग तय मानी जा रही है। अगर अमेरिकी महंगाई नरम पड़ती है, तो इससे डॉलर कमज़ोर हो सकता है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!