
बुधवार की शुरुआत में फ़ेड के फैसले से पहले की चिंता और चीन से जुड़ी परेशानियों ने बाज़ार में जोखिम से बचने का माहौल बना दिया। वहीं, ब्रिटेन के निराशाजनक महंगाई के आंकड़े और जर्मनी का मज़बूत PPI, अमेरिका के बाहर ऊंची ब्याज दरों और धीमी आर्थिक वृद्धि की आशंकाओं के बीच ट्रेडर्स को कोई स्पष्ट दिशा नहीं दे पाए।
इसके चलते, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मज़बूत यील्ड के साथ पिछले दिन की रिकवरी को बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, हालांकि हाल में इसमें ऊपर की ओर गति नहीं दिखी है।
G10 करेंसी पेयर्स में GBPUSD सबसे ज़्यादा गिरा, जबकि AUDUSD, NZDUSD और USDCAD को स्पष्ट दिशा नहीं मिली।
Crude Oil ने साल के उच्च स्तर से पिछली दिन की गिरावट को आगे बढ़ाया और एक महीने में दिन की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की। वहीं, Gold की कीमत लगातार दूसरे दिन नीचे आई।
एशिया-पैसिफ़िक के शेयर वॉल स्ट्रीट के बेंचमार्क के अनुरूप मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं, जबकि प्रेस समय तक यूरोपीय और ब्रिटिश शेयरों में हल्की बढ़त दर्ज हुई।
क्रिप्टो व्हेल से जुड़े निराशाजनक आँकड़ों और अमेरिकी SEC की ओर से जाँच के लिए और कंपनियों को निशाना बनाए जाने के बीच BTCUSD और ETHUSD में मामूली गिरावट आई, जिससे इनकी 2 दिन की बढ़त का सिलसिला टूट गया।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



US हाउसिंग डेटा दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताएं कम नहीं कर पाया। हालांकि, US Treasury Secretary Janet Yellen को अब भी सॉफ्ट लैंडिंग की उम्मीद है। इसके साथ महंगाई के मजबूत संकेत Fed के हॉकिश रुख का समर्थन करते हैं और US Dollar की मजबूती को सहारा देते हैं।
ध्यान देने वाली बात है कि चीन के सरकारी योजना निकाय NDRC की ओर से आर्थिक कठिनाइयों की जानकारी और People’s Bank of China (PBoC) की मौजूदा नीति ने जोखिम से बचने की प्रवृत्ति को और मज़बूत किया। वहीं, बीजिंग से और प्रोत्साहन मिलने की उम्मीदों ने निराशावादियों को चुनौती दी।
दूसरी ओर, यूके ने अगस्त के महंगाई आंकड़े जारी किए, जो ब्रिटिश अर्थव्यवस्था की मुश्किलों का एक और सबूत हैं। हालांकि, उसी महीने जर्मनी का PPI अपेक्षा से मज़बूत रहने के बावजूद यूरो खरीदारों का उत्साह नहीं बढ़ा, क्योंकि यूरो क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि के शुरुआती संकेत निराशाजनक रहे हैं।
अन्य खबरों में, US SEC, Coinbase और Binance जैसी बड़ी क्रिप्टो फ़र्मों की और जाँच करने पर विचार कर रहा है। वहीं, क्रिप्टो व्हेल्स से जुड़े आंकड़े BTCUSD और ETHUSD में बड़े पैमाने पर लिक्विडेशन का संकेत देते हैं।
पश्चिमी बाज़ारों के कुछ कम अहम डेटा से ट्रेडर्स का ध्यान खिंच सकता है, लेकिन मुख्य ध्यान Fed की घोषणाओं पर रहेगा। ब्याज दरों में बदलाव न होना लगभग तय है, इसलिए स्पष्ट संकेतों के लिए डॉट प्लॉट, आर्थिक पूर्वानुमान और Powell के भाषण पर नज़र रखना अहम होगा। ब्याज दरों में सख़्त रुख के साथ ठहराव की संभावना ज़्यादा है। इससे अमेरिकी डॉलर को फिर मज़बूती मिल सकती है, जिसका असर जोखिम वाले एसेट्स और कमोडिटी पर पड़ सकता है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!