
अमेरिकी चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की शानदार जीत से US डॉलर और शेयरों को बढ़ावा मिला। बाज़ारों ने उनकी "Make America Great Again" (MAGA) योजना का समर्थन किया और Federal Reserve (Fed) की ओर से ब्याज दरों में कम कटौती की उम्मीद जताई।
अमेरिकी डॉलर में तेज़ी के बीच, अमेरिका-चीन के बीच बढ़ते ट्रेड तनाव की चिंताओं से एशिया-प्रशांत के शेयर बाजारों में गिरावट आई। हालांकि, चीन के निर्यात के उम्मीद से बेहतर आंकड़ों ने अमेरिकी डॉलर को स्थिर करने में मदद की, जिससे ऑस्ट्रेलियाई, न्यूज़ीलैंड और कनाडाई डॉलर जैसी मुद्राएं अपनी कुछ गिरावट की भरपाई कर सकीं।
इस बीच, EURUSD में कमजोरी रही। ECB के ब्याज दरों में कटौती के रुख और यूरोप के कमजोर आँकड़ों से इस करेंसी पेयर पर दबाव पड़ा। USDJPY 14-सप्ताह के उच्च स्तर से पीछे आया, जबकि GBPUSD 3-महीने के निचले स्तर से उबरा। ट्रेडर्स अब Bank of England (BoE) और Federal Reserve के अहम नीतिगत फ़ैसलों का इंतज़ार कर रहे हैं।
अमेरिकी चुनावों से मिले अप्रत्याशित नतीजों के बाद, इस सप्ताह के अहम डेटा और घटनाओं से पहले बाज़ारों की तैयारी के बीच सोने और क्रूड ऑयल की कीमतें गिर गईं और फिर उनमें सुधारात्मक उछाल आया।
EURUSD में रिकवरी न होने की वजह सितंबर के जर्मन औद्योगिक उत्पादन और यूरोज़ोन के खुदरा बिक्री के अहम आंकड़ों से पहले ट्रेडर्स की घबराहट हो सकती है। इसके अलावा, जर्मन चांसलर शोल्ज़ के निराशाजनक बयानों से भी यूरो पेयर पर नीचे की ओर दबाव पड़ रहा है।
इस बीच, USDJPY में हाल की गिरावट येन को सहारा देने के लिए जापानी बाज़ार में संभावित हस्तक्षेप की अटकलों से जुड़ी है। 2025 में वेतन वृद्धि तेज़ होने की उम्मीदें भी इसकी वजह हैं, जो बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) को ब्याज दरें और बढ़ाने की ओर ले जा सकती हैं।
GBPUSD में मार्च 2023 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज हुई। मिले-जुले आँकड़ों के बीच मज़बूत अमेरिकी डॉलर और यूके के बजट को लेकर बाज़ार की चिंताओं ने इस पर दबाव डाला। पाउंड पर इस अटकल से भी दबाव है कि बैंक ऑफ़ इंग्लैंड को अपना सख़्त रुख़ बनाए रखने में मुश्किल हो सकती है और आर्थिक चुनौतियों के कारण उसे ब्याज दरों में बड़ी कटौती करनी पड़ सकती है।
AUDUSD 13 हफ़्तों के निचले स्तर से उबर रहा है, लेकिन मज़बूत US डॉलर, चीन को लेकर चिंताओं और सितंबर के निराशाजनक ऑस्ट्रेलियाई ट्रेड आँकड़ों से इसे बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह, NZDUSD अगस्त की शुरुआत के बाद से अपने सबसे निचले स्तर से उबरा है। इसकी वजह चीन के मज़बूत ट्रेड आँकड़े हैं। इस बीच, Bank of Canada की कैरोलिन रोजर्स की निराशाजनक टिप्पणियों और मज़बूत USD तथा बढ़ते भंडार के बीच क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट ने USDCAD को ऊपर धकेला है।
क्रूड ऑयल की कीमतों में मामूली गिरावट आई, जबकि US डॉलर मजबूत हुआ और US में तेल का भंडार काफी बढ़ा। इसकी वजह मध्य पूर्व में तनाव और OPEC+ की आपूर्ति बढ़ाने में देरी की अटकलें हो सकती हैं।
सोना, दूसरी ओर, तेज़ी से गिरा—जून के बाद की सबसे बड़ी गिरावट—और 50-दिन के EMA से उछलने से पहले अहम सपोर्ट तोड़ दिया। शुरुआत में अमेरिकी डॉलर की मजबूती से सोने पर दबाव पड़ा, लेकिन इसकी वापसी से पता चलता है कि बाज़ार में जारी अनिश्चितता के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर तेज़ी से रुख कर रहे हैं।



डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद बिटकॉइन (BTCUSD) ने अब तक का नया उच्च स्तर छुआ, जबकि एथेरियम (ETHUSD) तीन महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा। क्रिप्टो ट्रेडर आशावादी हैं और उन्हें लगता है कि ट्रंप के आने से इस उद्योग के सामने बाधाएं कम होंगी।
आज की अहम घटनाओं में BoE और फ़ेड की मौद्रिक नीति संबंधी घोषणाएँ और अमेरिकी वित्त मंत्री के लिए ट्रंप की पसंद शामिल हैं, जो बाज़ारों पर उनके प्रभाव को तय करेंगी। इसके अलावा, सितंबर के जर्मन औद्योगिक उत्पादन और यूरोज़ोन की खुदरा बिक्री के आँकड़े भी ट्रेडर्स को सतर्क रखेंगे।
BoE और फ़ेड, दोनों से 0.25% की दर कटौती की घोषणा करने की उम्मीद है, ताकि बाज़ारों को सतर्क रुख का भरोसा दिलाया जा सके। हालांकि, अमेरिकी डॉलर को समर्थन देने में फ़ेड को अधिक सफलता मिलने की संभावना है, जबकि BoE के लिए GBPUSD खरीदारों को भरोसा दिलाना मुश्किल हो सकता है। फ़ेड की आगे और कटौती करने में हिचकिचाहट से अमेरिकी अर्थव्यवस्था और डॉलर को लेकर आशावाद बढ़ सकता है, जिससे सोने और EURUSD पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!