
वैश्विक वित्तीय बाज़ार इस अहम हफ़्ते की शुरुआत धीमी गति से कर रहे हैं। ट्रेडर पिछले हफ़्ते की गति को आगे बढ़ाने के संकेत तलाश रहे हैं, जो US Federal Reserve (Fed) समेत प्रमुख केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरों में कटौती की ओर इशारा करती है। ध्यान देने वाली बात है कि यूरोप के अधिकांश हिस्सों, स्विट्ज़रलैंड और कनाडा में छुट्टियों के साथ-साथ हल्का आर्थिक कैलेंडर भी सोमवार की शुरुआत में ट्रेडिंग गतिविधियों को सीमित कर रहा है।
हालांकि, साप्ताहिक गिरावट के बाद अमेरिकी डॉलर दबाव में बना हुआ है, क्योंकि ट्रेडर्स 2024 के आखिरी महीनों में दरों में कटौती के Fed के संकेतों को स्वीकार कर रहे हैं। इसके साथ ही, जून के बाद दरों में कटौती के पक्ष में न होने को लेकर European Central Bank (ECB) के अधिकारियों की हिचकिचाहट EURUSD पेयर को ऊपर ले जा रही है। इसी तरह, Bank of England (BoE) के नीति-निर्माताओं द्वारा सख्त मौद्रिक नीति का बचाव किए जाने के बीच GBPUSD में भी मामूली बढ़त हुई।
USDJPY रुझान के विपरीत बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। इसकी एक वजह ब्याज दरों में बढ़ोतरी को लेकर Bank of Japan (BoJ) की चिंता है। साथ ही, अमेरिका के शीर्ष सरकारी बॉन्ड यील्ड में हालिया सुधारात्मक उछाल का भी इसे सहारा मिला है।
साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने के बाद AUDUSD मज़बूत बना हुआ है, जबकि NZDUSD के तेज़ड़िए इस हफ़्ते रिज़र्व बैंक ऑफ़ न्यूज़ीलैंड (RBNZ) की मौद्रिक नीति घोषणाओं से पहले थोड़ा ठहराव ले रहे हैं। इस बीच, तेल की मज़बूत कीमतों और अमेरिकी डॉलर की कमज़ोरी के बीच दो हफ़्तों की गिरावट के बाद USDCAD निचले स्तरों पर बना हुआ है। बैंक ऑफ़ कनाडा (BoC) को लेकर नरम रुख की चिंताओं का इस पर असर नहीं दिखा। इसके अलावा, तकनीकी ब्रेकआउट के साथ कम ब्याज दरों की उम्मीद में ट्रेडर्स ने सोने की ओर रुख किया, जिससे सोने की कीमत ने नया रिकॉर्ड उच्च स्तर छू लिया। मिले-जुले बाज़ार माहौल में यह तेज़ी और भी उल्लेखनीय रही।
दूसरी ओर, मार्च की शुरुआत के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने के बाद BTCUSD में तेजी बनी हुई है, जबकि मजबूत सप्ताह के बाद ETHUSD भी मजबूती बनाए हुए है। हालांकि, राजनीतिक चंदे और स्पॉट Ethereum ETF की मंज़ूरी से पहले की तैयारियों के चलते क्रिप्टोकरेंसी बाज़ार में गतिविधि बढ़ी, खासकर कमजोर अमेरिकी डॉलर के बीच।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



हालांकि बाज़ार में कारोबार सुस्त रहा, 2024 में Fed द्वारा दो बार ब्याज दरों में कटौती की आशंकाओं के बीच अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना हुआ है। डॉलर में गिरावट के संकेत पिछले हफ्ते के कमजोर अमेरिकी महंगाई आंकड़ों और Fed अधिकारियों के ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंताओं को दूर न कर पाने से मिले। शेयर बाज़ारों को लेकर सतर्क आशावाद और ट्रेज़री बॉन्ड यील्ड का मिला-जुला प्रदर्शन भी USD पर दबाव डाल सकता है। इसके अलावा, सप्ताहांत में आई चीन द्वारा बड़ी मात्रा में अमेरिकी ट्रेज़री बॉन्ड बेचकर अमेरिकी डॉलर पर अपनी निर्भरता कम करने की खबर ने हाल के दिनों में डॉलर के खरीदारों के लिए चुनौती पैदा की।
हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों की तुलना में Fed का अपेक्षाकृत अधिक सख़्त रुख, चीन, रूस और मध्य पूर्व से जुड़ी भू-राजनीतिक चिंताओं के साथ मिलकर अमेरिकी मुद्रा को सहारा दे रहा है। सोमवार की शुरुआत में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और विदेश मंत्री की विमान दुर्घटना में मौत हो गई, जिससे मध्य पूर्व में और भू-राजनीतिक उथल-पुथल की आशंकाएं फिर बढ़ गईं।
दूसरी ओर, Reuters ने एक विश्लेषण जारी किया, जिसमें कमज़ोर खपत के बीच BoJ पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव बढ़ने की बात कही गई। हालांकि, येन की कीमतों में भारी गिरावट के बावजूद नीति-निर्माताओं ने हाल की टिप्पणियों में लगातार नरम रुख़ अपनाया है।
ECB अधिकारियों ने जून में ब्याज दरों में कटौती की लगभग पुष्टि कर दी है, लेकिन इसके बाद की राह अस्पष्ट दिख रही है। इससे EURUSD जोड़ी को महीने के उच्च स्तर के आसपास अमेरिकी डॉलर की कमजोरी से फायदा मिला। इसी तरह, GBPUSD जोड़ी भी मज़बूत बनी हुई है, हालाँकि यूके की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंताएँ मिली-जुली हैं। BoE की टिप्पणियाँ ज़्यादातर सख़्त रुख़ दिखाती हैं, जबकि बाज़ार के प्रतिभागियों को 2024 की दूसरी छमाही में दरों में कटौती की उम्मीद है।
इन्वेंटरी में लगातार गिरावट और OPEC+ के सप्लाई कट समझौते को आगे बढ़ाने की बढ़ती चिंताओं के बाद कच्चे तेल में खरीदारी बढ़ी। इसके अलावा, मध्य पूर्व में तनाव से सप्लाई की कमी के संकेत मिलते हैं। वहीं, चीन की ओर से और प्रोत्साहन देने की तैयारी से कच्चे तेल के खरीदारों को मांग बढ़ने की उम्मीद है, जिससे कीमतों को सहारा मिल रहा है।
गोल्ड ने $2,400 के रेज़िस्टेंस को ऊपर की ओर तोड़ा, जो अब नज़दीकी सपोर्ट है। इसने लगभग $2,450 के पास नया सर्वकालिक उच्च स्तर बनाया और मार्च-अप्रैल की चाल के 61.8% Fibonacci Extension को लक्ष्य किया, जो लगभग $2,455 के करीब है। इस दौरान, कीमती धातु को कमज़ोर अमेरिकी डॉलर और धीमी यील्ड से सहारा मिला। मिली-जुली भू-राजनीतिक सुर्खियों और प्रमुख केंद्रीय बैंकों के ब्याज दर संबंधी फैसलों को लेकर अनिश्चितता के कारण भी ट्रेडर्स ने सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख किया, खासकर पहली दर कटौती के बाद। इसके अलावा, चीन की ओर से और प्रोत्साहन देने की पहल तथा इस साल प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में होने वाले आम चुनावों से पहले शेयर बाज़ारों में रिकॉर्ड तेज़ी ने भी XAUUSD के खरीदारों को सहारा दिया।
यूरोप, स्विट्ज़रलैंड और कनाडा के बाज़ारों में छुट्टियों और प्रमुख आंकड़ों/घटनाओं की कमी को देखते हुए, मोमेंटम ट्रेडरों को सोमवार को कम गतिविधि देखने को मिल सकती है। हालांकि, Fed के कई नीति-निर्माता बोलने वाले हैं। अगर वे ट्रेडरों को यह समझाने में सफल रहते हैं कि ब्याज दरों में कटौती देर से होगी, तो इससे US Dollar को नुकसान से उबरने का मौका मिल सकता है। इसके अलावा, ईरान की त्रासदी पर पश्चिम की प्रतिक्रिया से कमोडिटी बाज़ारों में लिक्विडिटी बढ़ सकती है। सबसे अहम बात यह है कि इस हफ़्ते मई के PMI के शुरुआती आंकड़े और US Durable Goods Orders स्पष्ट दिशा के लिए देखने लायक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक होंगे।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!