
बाज़ार में सतर्क आशावाद का माहौल है, क्योंकि ट्रेडर्स अमेरिका की चौथी तिमाही के अहम GDP आंकड़ों और यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) की मौद्रिक नीति बैठक के ऐलानों का इंतज़ार कर रहे हैं। दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से हाल में आए मज़बूत PMI आंकड़ों ने इन घटनाओं को और अहम बना दिया है, खासकर ऐसे समय में जब Fed की ओर से ब्याज दरों में कटौती में देरी की संभावना को व्यापक रूप से स्वीकार किया जा रहा है।
हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी पड़ने की आशंकाओं और चीन से जुड़ी उम्मीदों के बीच, मजबूत PMI आंकड़ों और फेड के आक्रामक रुख की चिंताओं से भी अमेरिकी डॉलर को खास समर्थन नहीं मिल रहा है। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिज़र्व (Fed) के अगले कदम को लेकर संदेह और अगले हफ्ते की FOMC बैठक से आक्रामक नतीजे की तैयारी ने भी डॉलर के खरीदारों को कुछ देर ठहरने का मौका दिया।
इन चालों के बीच EURUSD, GBPUSD और AUDUSD में मामूली बढ़त आई, लेकिन यील्ड मजबूत होने के बीच अमेरिकी डॉलर में गिरावट के बावजूद USDJPY में तेजी नहीं आई। इसके अलावा, तेल की कीमतें मजबूत होने के बावजूद USDCAD पर दबाव बना हुआ है, क्योंकि बैंक ऑफ़ कनाडा (BoC) सख़्त रुख़ अपनाने वालों को भरोसा दिलाने में नाकाम रहा।
हालाँकि, एक सप्ताह में सबसे बड़ी गिरावट के बाद साप्ताहिक निचले स्तर पर पहुँचकर सोने की कीमत दबाव में बनी हुई है, जबकि Crude Oil के खरीदार कुछ देर के लिए रुक गए हैं।
स्पॉट ETF की मंज़ूरी को लेकर उम्मीदें US SEC के सख़्त रुख के बीच कम हो रही हैं। ऐसे में BTCUSD और ETHUSD की दिशा साफ़ नहीं है, लेकिन दोनों दबाव में बने हुए हैं।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



जनवरी में UK, Eurozone और US के PMI के शुरुआती आंकड़े ज्यादातर सकारात्मक रहे और उनसे प्रमुख वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिले। इससे बाजार का भरोसा बढ़ा और मंदी की आशंकाएं कम हुईं, साथ ही US में सॉफ्ट लैंडिंग की उम्मीदों को बल मिला। हालांकि, जोखिम लेने की बढ़ती भावना ने ज्यादा ध्यान खींचा और मजबूत यील्ड के बावजूद US Dollar पर दबाव डाला। यह भी ध्यान देने योग्य है कि Federal Reserve (Fed) ने आपातकालीन बैंक ऋण पर ब्याज दरें बढ़ाईं, कम से कम मार्च तक।
इसके अलावा, हूतियों ने अमेरिकी सैन्य जहाज़ पर सीधे हमला करने का दावा किया, जिससे भू-राजनीतिक तनाव बढ़ गया। इसके साथ ही, फ़ेडरल रिज़र्व (Fed) की ब्याज दरों में कटौती में देरी को लेकर बढ़ती चिंताओं और हाल के मज़बूत अमेरिकी आँकड़ों ने “सॉफ्ट लैंडिंग” की चर्चा को बढ़ावा दिया। इन सबने अमेरिकी डॉलर के प्रति तेज़ी के रुझान को सहारा दिया, जिससे सोने के खरीदारों की परीक्षा हो रही है।
दूसरी ओर, People’s Bank of China (PBoC) और चीनी सरकार ने बाज़ार में लिक्विडिटी बढ़ाने और आर्थिक सुधार की रफ़्तार धीमी पड़ने की आशंकाओं को कम करने के लिए कई कदम उठाए। इनका मुख्य मकसद शेयर बाज़ार में हालिया गिरावट को थामना था। उत्साहजनक PMIs के बाद इन कदमों ने बाज़ार के कुल रिस्क-ऑन रुझान को भी मज़बूती दी, जिससे US Dollar पर दबाव पड़ा और Gold की कीमत को सहारा मिला।
वहीं, उत्साहजनक EU डेटा और अमेरिकी डॉलर में व्यापक गिरावट के बाद EURUSD भी 6 हफ्तों के निचले स्तर से उबरकर साप्ताहिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, आज की यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) की मौद्रिक नीति बैठक से पहले का सतर्क माहौल हाल के दिनों में यूरो के तेजड़ियों को सतर्क कर रहा है। इसी तरह, मजबूत UK PMI डेटा के बाद GBPUSD भी 2 हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, ब्रिटेन की आर्थिक वृद्धि को लेकर चिंताओं और बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) से जुड़ी चर्चाओं के चलते बाद में केबल में गिरावट आई।
इसके अलावा, जापान के शीर्ष मुद्रा राजनयिक Masato Kanda ने गुरुवार की शुरुआत में बोलते हुए अति-ढीली मौद्रिक नीति की तारीफ़ की, लेकिन इसके नकारात्मक दुष्प्रभावों का भी ज़िक्र किया। हालांकि, नीति-निर्माता ने Bank of Japan (BoJ) की नकारात्मक ब्याज दरों से बाहर निकलने की योजना पर टिप्पणी करने से इनकार किया। इसके बाद USDJPY एक हफ्ते के निचले स्तर से उबर गया।
आगे, बैंक ऑफ़ कनाडा (BoC) ने मौद्रिक नीति में कोई बदलाव नहीं किया और बाज़ार के अनुमानों के अनुरूप फैसला लिया। हालांकि, BoC के गवर्नर Tiff Macklem की टिप्पणियों ने मंदी की चिंताओं को कम किया और कुछ समय तक ब्याज दरों को यथावत रखने के पीछे की वजह बताई। इसके चलते कनाडा के प्रमुख निर्यात, कच्चे तेल, की कीमतें मज़बूत होने के बावजूद कनाडाई डॉलर (CAD) पर दबाव पड़ा।
ध्यान देने वाली बात है कि कच्चे तेल के भंडार में अनुमान से अधिक गिरावट, मज़बूत PMI के कारण ऊर्जा की मांग बढ़ने की उम्मीद, उत्पादन सीमित करने के OPEC+ के उपाय और मांग को लेकर IEA का सकारात्मक अनुमान—ये सभी तेल की कीमतों को बढ़ावा दे सकते हैं।
आगे चलकर, अमेरिका की चौथी तिमाही की GDP और दिसंबर के ड्यूरेबल गुड्स ऑर्डर्स में संभावित नरमी से गोल्ड की कीमत बताई गई ट्रेंडलाइन सपोर्ट से उछल सकती है। हालांकि, ECB को मौद्रिक नीति में कोई बदलाव किए बिना अपने हॉकिश रुख का बचाव करना होगा, और ऐसा होने के लिए बाज़ार सेंटीमेंट का मज़बूत रहना ज़रूरी है। ऐसे में, XAUUSD के शॉर्ट-टर्म उतरते ट्रेंड चैनल के भीतर बेयरिश कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना है—जब तक कि तयशुदा आँकड़े या घटनाएँ बाज़ार को चौंका न दें, जिसकी संभावना बेहद कम है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!