
कुछ जानकारियों के मुताबिक, चीन जल्द ही हांगकांग को एक नया क्रिप्टो हब बनाने की पर्दे के पीछे चल रही योजना को मंज़ूरी देने वाला है।
ब्लॉकचेन इकोसिस्टम के विकास को बढ़ावा देने से जुड़ी पहली खबर अक्टूबर की शुरुआत में हांगकांग के अधिकारियों ने जारी की थी। बताया गया कि चीन का यह प्रशासनिक क्षेत्र रिटेल ट्रेडर्स के लिए क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग को वैध करेगा।
हाल की अफ़वाहों के अनुसार, हांगकांग ने क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े विशिष्ट कानून तैयार कर लिए हैं, जिन्हें इस साल के अंत तक लागू किया जाना है। इसके अलावा, सिक्योरिटीज़ एंड फ़्यूचर्स कमीशन ने वर्चुअल एसेट ट्रेडिंग करने वाले प्लेटफ़ॉर्म के लिए संभावित ज़रूरतों पर सार्वजनिक परामर्श शुरू किया है। नई लाइसेंसिंग व्यवस्था जून 2023 में लागू होने वाली है।
निवेशक अभी भी इस बात को लेकर अनिश्चित हैं कि चीन इन घटनाक्रमों पर कैसी प्रतिक्रिया देगा। इस मंगलवार को अप्रत्याशित रूप से इसका जवाब मिल गया। Bloomberg की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजिंग के अधिकारियों ने ब्लॉकचेन से जुड़ी योजनाओं के साथ-साथ हांगकांग के क्रिप्टो इकोसिस्टम के विकास को पर्दे के पीछे से मंजूरी दे दी है।



अफवाहों के मुताबिक, संपर्क कार्यालय के प्रतिनिधियों समेत चीन के कई अधिकारी पिछले कुछ महीनों में हांगकांग में हुए क्रिप्टो कार्यक्रमों में नियमित रूप से शामिल होते रहे हैं। उन्होंने WeChat की जानकारी और बिज़नेस कार्ड साझा करके नेटवर्किंग सत्रों में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। अधिकारियों ने कारोबारों के साथ सहयोग के लिए दोस्ताना रवैया अपनाया—वे उनके मौजूदा विकास पर नज़र रखते, रिपोर्टों की जांच करते और आगे की बातचीत के लिए कॉल करते रहे।
कुछ लोगों का कहना है कि अधिकारियों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि बीजिंग, हांगकांग को क्रिप्टो के परीक्षण स्थल में बदलने की पहल कर रहा है। शहर में डिजिटल एसेट्स से जुड़ी गतिविधियां विकसित होंगी, लेकिन चीन मुख्य भूमि पर कॉइन से जुड़ी गतिविधियों और ऑपरेशनों पर कड़ी निगरानी बनाए रखेगा।
इसके परिणामस्वरूप, ज़्यादा से ज़्यादा क्रिप्टो कंपनियाँ चीन में कंपनियों के रूप में रजिस्ट्रेशन कराने की कोशिश कर रही हैं। इनमें घरेलू और विदेशी, दोनों तरह की कंपनियाँ शामिल हैं। 15 महीने पहले इस उद्योग पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद, हम क्रिप्टोकरेंसी की क्रांतिकारी वापसी देख सकते हैं। इस प्रतिबंध के चलते कई कंपनियों को देश छोड़कर विदेश में कारोबार करना पड़ा था।
जैसा कि पहले बताया गया था, नई लाइसेंस व्यवस्था 1 जून, 2023 से लागू होगी। इसके तहत सभी क्रिप्टो निवेशकों और बाज़ार सहभागियों को SFC द्वारा निर्धारित लाइसेंस लेना होगा। नई आवश्यकताएं मौजूदा SFC नियमों पर आधारित होंगी। इसके अलावा, वे ऑटोमेटेड ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म और सिक्योरिटीज़ ब्रोकरों पर लागू आवश्यकताओं से काफ़ी मिलती-जुलती होंगी।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!