
बाजारों में जोखिम लेने की चाह बढ़ रही है। मंदी की आशंकाओं के साथ अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध की रणनीतियों में तेज़ी भी इसकी वजह है। इसके अलावा, कमजोर आंकड़ों के बावजूद प्रमुख केंद्रीय बैंकों की ओर से ब्याज दरें बढ़ने की संभावना जापान और चीन जैसे कुछ देशों के अधिकारियों को अपनी घरेलू मुद्राओं का बचाव करने के लिए प्रेरित कर रही है।
नतीजतन, US Dollar धीरे-धीरे मज़बूत हो रहा है और कमोडिटी व ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड की मुद्राओं जैसी ज़्यादा जोखिम वाली एसेट्स पर दबाव बना हुआ है, हालांकि हाल में इनके नुकसान कुछ कम हुए हैं।
हालांकि, सोने की कीमत पांच दिनों में पहली बार दैनिक आधार पर गिरी, जबकि ब्रेंट ऑयल में पिछले दिन की तेज़ बढ़त के बाद स्थिरता रही। ध्यान देने वाली बात है कि खरीदारों में EURUSD सबसे आगे रहा, जबकि USDCAD सबसे पीछे रहा। बाज़ार फ़ेड मिनट्स का इंतज़ार कर रहे हैं।
दूसरी ओर, BTCUSD और ETHUSD पिछले दिन क्रिप्टो के मंदड़ियों को छकाने के बाद नए संकेतों की तलाश में हैं।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



अमेरिका और चीन की ओर से व्यापार प्रतिबंधों के नए दौर की खबरें आ रही हैं। वहीं, रूस के प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन की वैश्विक मंदी की भविष्यवाणी को सराहना मिलती दिख रही है। चीन के कमजोर PMI और CNY को सहारा देने की PBoC की नाकाम कोशिशों के साथ-साथ, जापानी अधिकारियों द्वारा JPY को सहारा देने के बीच बाज़ार की धारणा और बिगड़ रही है। इसके अलावा, अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में 40 से अधिक वर्षों का सबसे बड़ा इन्वर्ज़न दर्ज हुआ है, जिससे आर्थिक चिंताएं और बढ़ रही हैं।
दूसरी ओर, प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में केंद्रीय बैंकों की ऊँची दरें और कमज़ोर आँकड़े भी चिंता बढ़ा रहे हैं कि अगर सख़्त नीतियाँ लंबे समय तक जारी रहीं, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी के और करीब जा सकती है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि आज जारी होने वाले US FOMC Meeting Minutes से पहले सतर्क माहौल और मंगलवार की US छुट्टी के बाद बाज़ारों के पूरी तरह खुलने से भी जोखिम से बचने का रुझान बढ़ रहा है और US Dollar को सहारा मिल रहा है। वहीं, इससे Gold और Crude Oil की कीमतों पर दबाव पड़ रहा है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि सऊदी अरब और रूस की ओर से आपूर्ति में और कटौती का समर्थन ऊर्जा खरीदारों को सहारा देने में नाकाम रहा है।
दूसरी ओर, बाज़ार विश्लेषक क्रिप्टो में निवेश को लेकर चेतावनी दे रहे हैं, जिससे BTCUSD और ETHUSD की कीमतों में गिरावट आई है। कड़े नियमन की आशंकाएं और NFTs में गिरावट भी क्रिप्टो में दिलचस्पी रखने वालों के लिए चुनौती हैं।
बाज़ार के प्रतिभागियों का पूरा ध्यान जून FOMC की मिनट्स पर है। मंदी की चिंताओं के बीच, यूरोज़ोन और यूके के EU PPI तथा PMI के अंतिम आंकड़े भी ट्रेडर्स का ध्यान खींच सकते हैं। अगर फ़ेड की मिनट्स में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी का संकेत नहीं मिलता है, तो जोखिम से बचने का रुझान कम हो सकता है और इससे अमेरिकी डॉलर की कीमतों पर दबाव पड़ सकता है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!