
बुधवार की शुरुआत में ईरान से जुड़ी मिली-जुली खबरों के चलते बाज़ार का रुझान नाज़ुक बना हुआ है और ट्रेडर्स सतर्क हैं। अमेरिका के मजबूत आंकड़े और UK व अन्य क्षेत्रों में बढ़ती महंगाई भी केंद्रीय बैंकों के सख़्त रुख को समर्थन दे रहे हैं।
इसी बीच, अमेरिका-ईरान वार्ता रद्द होने के बाद ऐसे नए संकेत मिले कि शांति वार्ता को समर्थन देने के लिए वॉशिंगटन अपना रुख नरम कर सकता है। यह खास तौर पर तब हुआ, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया और संकेत दिया कि ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाई जा सकती है।
बुधवार की शुरुआत में Bloomberg ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ी Tasnim News Agency का हवाला देते हुए बताया कि ईरान को इस बात के “कुछ संकेत” मिले हैं कि अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी में ढील देने को तैयार हो सकता है। अगर इसकी पुष्टि होती है, तो ईरान वार्ता की ओर बढ़ सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा के बाद युद्धविराम फिलहाल लागू है, हालांकि आगे की वार्ता टाल दी गई है।
मंगलवार को अमेरिकी सत्र के आखिरी घंटों में ट्रंप ने वार्ता रुकने के बीच ईरान के साथ युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाने की घोषणा की। अब उपराष्ट्रपति JD Vance और ईरानी अधिकारियों के इस्लामाबाद जाने की उम्मीद नहीं है। इस विस्तार का मकसद कूटनीति के लिए गुंजाइश बनाना है, लेकिन यह अभी साफ़ नहीं है कि ईरान या इज़राइल औपचारिक रूप से इसका समर्थन करेंगे या नहीं। अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
ईरान ने इस कदम को खारिज करते हुए कहा कि नाकेबंदी जारी रखना युद्ध की कार्रवाई के बराबर है और युद्धविराम की भावना के खिलाफ़ है। तेहरान ने चेतावनी दी कि ज़रूरत पड़ने पर वह बलपूर्वक नाकेबंदी तोड़ सकता है, जिससे तनाव बढ़ने का जोखिम ऊंचा बना हुआ है। इसी दौरान, अपुष्ट खबरों में कहा गया कि ईरान में वार्ता समर्थक एक गुट को IRGC ने हिरासत में लिया है, जो देश के भीतर राजनीतिक मतभेदों की ओर इशारा करता है।
दिन भर में हालात कई बार बदले। पाकिस्तान में अमेरिका की अगुवाई वाली संभावित वार्ता को लेकर सुबह की शुरुआती उम्मीद ट्रंप की CNBC पर टिप्पणी के बाद जल्द ही फीकी पड़ गई। अमेरिका के मजबूत खुदरा बिक्री आंकड़े भी बाज़ार के रुझान को प्रभावित नहीं कर पाए। JD Vance के इस्लामाबाद जाने के बजाय वॉशिंगटन लौटने पर चिंताएं बढ़ीं। बाद में ईरानी और अमेरिकी मीडिया की उन खबरों से इसकी पुष्टि हुई कि वार्ता रद्द कर दी गई है। इसके बाद ट्रंप ने एकतरफा तौर पर युद्धविराम बढ़ाने का कदम उठाया। युद्धविराम की मौजूदा समय-सीमा पूर्वी समय (ET) के अनुसार शाम 7:50 बजे है। ईरान ने अमेरिकी इरादों पर शक जताते हुए संभावित अचानक उठाए जाने वाले कदम की चेतावनी दी है।
युद्धविराम बढ़ाए जाने के बाद बाज़ारों को थोड़ी राहत मिली, लेकिन ट्रंप की टिप्पणियों ने ईरान के भीतर मतभेदों को उजागर किया। इससे संकेत मिला कि यह सिर्फ़ कुछ समय की देरी नहीं, बल्कि एक व्यापक रणनीतिक कदम हो सकता है। ईरान के बुनियादी ढांचे पर संभावित कार्रवाई को लेकर अपनी समय-सीमा बढ़ाने का यह ट्रंप का पांचवां मौका भी है।
आर्थिक आंकड़ों की बात करें, तो अमेरिका की खुदरा बिक्री माह-दर-माह (m/m) 1.7% बढ़ी। यह 1.4% के अनुमान और पिछले 0.6% के आंकड़े से अधिक थी, जो उपभोक्ता मांग की मजबूती दिखाती है। कंट्रोल ग्रुप में भी माह-दर-माह 0.7% की बढ़ोतरी हुई, जो पिछले जून के बाद का उच्चतम स्तर है। इस बीच, साप्ताहिक Automatic Data Processing (ADP) रोजगार संकेतक पिछले 39.25K से बढ़कर 54.75 हज़ार (K) पर पहुंच गया। चार सप्ताह का औसत सर्वे शुरू होने के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
इन घटनाक्रमों के बीच, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) पिछले सत्र की मजबूत बढ़त को बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा है और यह रिपोर्ट लिखे जाने के समय थोड़ी गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है। इससे EUR/USD और GBPUSD में मामूली रिकवरी आई, जबकि USD/JPY बिना किसी मजबूत मोमेंटम के थोड़ा नीचे आया।
इसी दौरान, AUDUSD और NZDUSD पिछले दिन के नुकसान से उबरे। वहीं, छह सप्ताह के निचले स्तर से आई तेजी को बनाए रखने में नाकाम रहने के बाद USDCAD फिर गिरा। कनाडा के प्रमुख निर्यातों में शामिल कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट को इसने काफी हद तक नजरअंदाज किया।
अन्य बाजारों में, सोने की दो दिन की गिरावट का सिलसिला थमा, जबकि Bitcoin (BTC) और Ethereum (ETH) लगातार तीसरे सत्र में बढ़त पर रहे। इस बीच, वॉल स्ट्रीट पर लगातार दो हफ्तों के कारोबार के बाद एशिया-प्रशांत के शेयर बाजारों में थोड़ी तेजी आई।



बाज़ारों में कुल मिलाकर सतर्कता के बावजूद, सेंटीमेंट में मामूली सुधार से अमेरिकी डॉलर की नरमी को सहारा मिला। इससे EUR/USD को अपने पिछले कुछ नुकसानों की भरपाई करने में मदद मिली और USD/JPY नीचे आया। इसी दौरान, यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के एक अधिकारी की सतर्क आशावादिता और जापान से मिले सकारात्मक संकेतों ने भी इन करेंसी मूव्स को सहारा दिया।
ECB के नीति-निर्माता Mārtiņš Kazāks ने Financial Times को बताया कि मौद्रिक नीति में बदलाव की कोई तत्काल ज़रूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व के संघर्ष से जुड़ी अनिश्चितता अभी भी अधिक है, लेकिन मौजूदा डेटा ब्याज दरें बढ़ाने को उचित नहीं ठहराता। इससे नीति-निर्माताओं को स्थिति की स्पष्ट तस्वीर मिलने तक इंतज़ार करने की गुंजाइश मिलती है।
जापान के मार्च के व्यापार आंकड़ों के मुताबिक, निर्यात साल-दर-साल (y/y) 11.7% बढ़ा और यह अनुमान से बेहतर रहा। हालांकि, उम्मीद से कम व्यापार अधिशेष और आयात में तेज़ वृद्धि से लागत का दबाव बढ़ने का संकेत मिला, खासकर ऊर्जा की कीमतों से। ये आंकड़े आगे संभावित जोखिमों की ओर भी इशारा करते हैं।
GBPUSD में 1.3500 से ऊपर मामूली बढ़त दर्ज हुई और इसने पिछले दिन की गिरावट की भरपाई की। ऊपर की ओर गति कमजोर होने के बावजूद, इसे ब्रिटेन की महंगाई के सकारात्मक आंकड़ों और अमेरिकी डॉलर में गिरावट से समर्थन मिला।
ब्रिटेन के मार्च के महंगाई आंकड़ों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) साल-दर-साल (y/y) 3.3% रहा, जो उम्मीद के अनुरूप था और पहले के 3.0% से अधिक था। कोर CPI 3.1% y/y रहा, जबकि अनुमान और पिछला आंकड़ा 3.2% था। मासिक आधार पर कुल महंगाई 0.7% बढ़ी, जिसकी मुख्य वजह परिवहन और ऊर्जा की लागत रही।
बाज़ार में सतर्क आशावाद और USD में नरमी से AUDUSD और NZDUSD में बढ़त आई, जबकि उन्होंने घरेलू अर्थव्यवस्था के मिले-जुले संकेतों को नज़रअंदाज़ किया। इसी तरह, कनाडा के प्रमुख निर्यातों में शामिल कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद USDCAD में गिरावट जारी रही। USD की कमजोरी और कनाडा से आई ज़्यादातर सकारात्मक खबरों ने पहले के उस डाउनट्रेंड को फिर से शुरू करने में मदद की, जो बीच में थम गया था।
ऑस्ट्रेलिया की आर्थिक गति धीमी हुई है। मार्च में Westpac–Melbourne Institute Leading Index ट्रेंड से नीचे आ गया। छह महीने की वार्षिकीकृत वृद्धि दर फरवरी के +0.05% से घटकर -0.13% रह गई। अगस्त के बाद यह पहली बार ट्रेंड से नीचे रही, जो 2026 की दूसरी छमाही में धीमी वृद्धि का संकेत देती है।
कनाडा की मुख्य व्यापार वार्ताकार Janice Charette ने कहा कि 1 जुलाई की United States-Mexico-Canada Agreement (USMCA) समीक्षा की समय-सीमा तक व्यापार से जुड़े मुद्दों का पूरी तरह समाधान होना मुश्किल है। हालांकि, उन्होंने कहा कि किसी भी देरी से समझौते पर खुद कोई असर नहीं पड़ेगा।
तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, लेकिन वे ज़्यादातर एक सीमित दायरे में हैं और हाल में नरम पड़ी हैं। जारी भू-राजनीतिक जोखिमों का असर आपूर्ति में किसी नई रुकावट की कमी से संतुलित हो रहा है। वहीं, बाज़ार की अनिश्चितता और USD की कमजोरी से सोने को समर्थन मिल रहा है और इसमें लगातार तीसरे दिन बढ़त जारी है।
बाज़ार का थोड़ा सकारात्मक रुझान और USD में नरमी Bitcoin (BTC) और Ethereum (ETH) को लगातार तीसरे दिन बढ़ने में मदद कर रही है। इससे एशिया-प्रशांत के शेयरों को भी मामूली बढ़त मिली, भले ही लगातार दूसरे दिन Wall Street का कारोबार गिरावट के साथ बंद हुआ।
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाज़ार गिरावट के साथ बंद हुए। सत्र के आखिर में उन खबरों के बाद बिकवाली तेज़ हुई जिनमें बातचीत रद्द होने की पुष्टि की गई थी। इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति Trump के आश्वासन और आने वाले Fed चेयर Kevin Warsh की टिप्पणियों का बाज़ार पर असर नहीं पड़ा। ईरान से जुड़े जोखिम बढ़ने के साथ दिनभर बाज़ार का रुझान कमजोर होता गया। Tasnim और Associated Press (AP) की खबरों में बातचीत टूटने और JD Vance की पाकिस्तान यात्रा रद्द होने की पुष्टि के बाद बिकवाली और तेज़ हुई। S&P 500 में 0.6%, Nasdaq Composite में 0.6% और Dow Jones Industrial Average (DJIA) में 0.6% की गिरावट आई। Russell 2000 में 1.0% और Toronto Stock Exchange (TSX) Composite में 1.5% की गिरावट दर्ज हुई।
बुधवार को कनाडा के हाउसिंग आँकड़ों और अमेरिका के कच्चे तेल के भंडार पर नज़र रहेगी। साथ ही, यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB), बैंक ऑफ़ इंग्लैंड (BoE) और फ़ेडरल रिज़र्व (Fed) के अधिकारियों के भाषण भी होंगे। हालांकि, इस्लामाबाद में बातचीत रद्द होने के बावजूद, मुख्य ध्यान अमेरिका-ईरान शांति समझौते की वार्ता से जुड़े घटनाक्रमों पर रहेगा।
अमेरिका-ईरान शांति प्रक्रिया को लेकर हाल की चिंताओं और मज़बूत अमेरिकी आर्थिक आँकड़ों से Fed के सख़्त रुख़ को मिल रहे समर्थन को देखते हुए, USD में बढ़त जारी रह सकती है। इससे EUR/USD, GBP/USD, AUD/USD और NZD/USD में हाल की गिरावट आगे बढ़ सकती है, जबकि USD/CAD में भी मामूली बढ़त दर्ज हो सकती है।
सोने के सीमित दायरे में रहने की संभावना है, हालांकि इसका रुझान थोड़ा ऊपर की ओर रह सकता है। वहीं, कच्चे तेल में हल्की बढ़त हो सकती है। इसी दौरान, क्रिप्टोकरेंसी और इक्विटी बाज़ारों में धीरे-धीरे गिरावट आ सकती है।
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