
बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-चीन व्यापार समझौते को लेकर संदेह के चलते गुरुवार को बाज़ार का रुझान ज्यादातर नकारात्मक बना हुआ है। अमेरिकी और चीनी अधिकारियों के बुनियादी रूपरेखा पर सहमत होने के बावजूद, समझौते में कोई नई जानकारी नहीं थी। चीन ने अमेरिकी कंपनियों को मैग्नेट और रेयर अर्थ के लाइसेंस देने की पेशकश की, जबकि अमेरिका ने आगे टैरिफ बढ़ाने पर रोक लगाई। इससे चीन के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की राष्ट्रपति ट्रंप की क्षमता पर संदेह बढ़ा।
इज़राइल के ईरान में सैन्य अभियान शुरू करने के लिए तैयार होने की खबरों से भू-राजनीतिक चिंताएँ भी बढ़ गईं और जोखिम से बचने का माहौल गहरा गया। अमेरिका ने इराक, कुवैत और बहरीन से राजनयिकों तथा सैन्य कर्मियों को निकालना भी शुरू कर दिया, जिससे तनाव और बढ़ा। इस बीच, परमाणु वार्ता के लिए रविवार को अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बैठक की अफ़वाहें सामने आईं।
आर्थिक मोर्चे पर, अमेरिका के कंज़्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में लगातार चौथे महीने महंगाई की रफ़्तार धीमी दिखी, जिससे Fed की ब्याज दर में कटौती की उम्मीदें बढ़ीं। इसके साथ ही, अमेरिका-चीन ट्रेड डील को लेकर अनिश्चितता और बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों ने अमेरिकी डॉलर पर दबाव डाला।
नतीजतन, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) सात सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया। इससे सोने की कीमतों को समर्थन मिला और कच्चे तेल में पीछे हटने से पहले दो महीनों की सबसे बड़ी दैनिक बढ़त दर्ज हुई। बुधवार के आखिर में थोड़ी रिकवरी के बावजूद, बॉन्ड यील्ड और शेयरों में गिरावट आई।
करेंसी बाज़ारों में, मिली-जुली ECB टिप्पणियों के बावजूद EURUSD सात हफ़्तों के उच्च स्तर पर पहुंचा और चार दिनों से जारी तेजी बरकरार रही। UK के मिले-जुले डेटा के बावजूद GBPUSD ने पिछले दिन की रिकवरी को बनाए रखा। वहीं, RBA को लेकर चिंताओं और जोखिम के संकेतक के रूप में इस पेयर की भूमिका के चलते AUDUSD पर दबाव बना हुआ है। NZDUSD स्थिर रहा, जबकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिका-कनाडा ट्रेड डील की बेहतर संभावनाओं के चलते USDCAD में गिरावट आई। इस बीच, ब्याज दरों में BoJ की संभावित बढ़ोतरी को लेकर मिली-जुली चिंताओं और अमेरिका-जापान ट्रेड वार्ता में कोई बड़ा अपडेट न होने के कारण USDJPY गिरा। बाज़ार में व्यापक सतर्कता और इंडस्ट्री से जुड़ी सकारात्मक खबरों की कमी के चलते Bitcoin (BTCUSD) और Ethereum (ETHUSD) की गिरावट और बढ़ी।
EURUSD अप्रैल के अंत के बाद के अपने सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गया। कमजोर US डॉलर से इसे बढ़त मिली, हालांकि ECB अधिकारियों ने महंगाई की चिंताओं और US टैरिफ़ से जुड़ी अनिश्चितता के चलते ब्याज दरों में कटौती रोकने के संकेत दिए। ECB की अध्यक्ष लैगार्ड और PBoC के गवर्नर पान ने केंद्रीय बैंकों के बीच सहयोग के लिए एक MoU पर हस्ताक्षर किए, लेकिन इस खबर और EU-चीन तथा EU-US व्यापार वार्ताओं में धीमी प्रगति का बाज़ार पर खास असर नहीं हुआ। इसकी पुष्टि एक खबर से हो सकती है, जिसके मुताबिक EU अब Trump की जुलाई की समयसीमा के बाद तक US के साथ व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाना चाहता है।
इस बीच, जापान के प्रधानमंत्री इशिबा ने अमेरिकी व्यापार वार्ता में “लगातार प्रगति” की जानकारी दी, जिसके बाद USDJPY लगातार दूसरे दिन गिरा। Q2 2025 के कमज़ोर व्यावसायिक आँकड़ों और BoJ द्वारा ब्याज दरें बरकरार रखने तथा बॉन्ड खरीद में कटौती की रफ़्तार धीमी करने की उम्मीदों के बावजूद, सेफ़-हेवन मांग और अमेरिकी डॉलर की व्यापक कमज़ोरी के चलते येन मज़बूत बना रहा।
बुधवार की रिकवरी के बाद GBP/USD अपनी बढ़त बनाए रखने में सफल रहा, हालाँकि UK के घरों की कीमतों के आँकड़े कमज़ोर थे और मैन्युफ़ैक्चरिंग तथा आर्थिक विकास के ज़्यादातर आँकड़े भी नरम रहे। अमेरिकी डॉलर की कमज़ोरी और EU, US तथा चीन के साथ UK की व्यापार वार्ता को लेकर चिंताओं ने इस करेंसी पेयर को सहारा दिया, जबकि कोई बड़ी सफलता नहीं मिली। BoE के अधिकारी बाज़ार का भरोसा बढ़ाने में संघर्ष करते रहे, लेकिन मई के आखिर में तेज़ी के “कप एंड हैंडल” पैटर्न की पुष्टि से ट्रेडर्स का रुझान सकारात्मक बना रहा।



ऑस्ट्रेलिया की महंगाई संबंधी उम्मीदें मई के 4.1% से बढ़कर जून में 5% होने के बावजूद AUDUSD लगातार दूसरे दिन गिरा। इस गिरावट की वजह RBA का नरम रुख और वैश्विक जोखिम भावना के प्रति इस करेंसी पेयर की संवेदनशीलता है, जबकि अमेरिकी डॉलर कमज़ोर हुआ। Westpac को अब अगस्त और नवंबर 2025 में, और फिर 2026 की शुरुआत में RBA की ओर से दरों में कटौती की उम्मीद है।
इस बीच, USDCAD साप्ताहिक निचले स्तरों के करीब बना हुआ है। कनाडा के प्रमुख निर्यात, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और संभावित अमेरिका-कनाडा आर्थिक एवं सुरक्षा समझौते पर बातचीत से इसे दबाव मिल रहा है। हालांकि, बैंक ऑफ़ कनाडा का नरम रुख और अप्रैल में बिल्डिंग परमिट के कमज़ोर आंकड़े (-6.6% बनाम 2.0% की उम्मीद) CAD की आगे की बढ़त को सीमित कर रहे हैं।
मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार में उम्मीद से बड़ी गिरावट और Trump की सोशल मीडिया टिप्पणियों से US-Iran व्यापार समझौते को लेकर बढ़े संदेह के चलते कच्चे तेल की कीमतों में दो महीनों की सबसे बड़ी दैनिक बढ़त दर्ज हुई। इससे कीमतें पांच महीने पुरानी रेज़िस्टेंस लाइन के ऊपर चली गईं, हालांकि गुरुवार की शुरुआत में बाज़ार में कंसोलिडेशन के कारण इस बढ़त का कुछ हिस्सा घट गया। गौरतलब है कि Fitch ने तेल की कीमत का अनुमान $70 से घटाकर $65 प्रति बैरल कर दिया है। हाल के उतार-चढ़ाव वाले बाज़ार में इससे कच्चे तेल के खरीदारों की परीक्षा होती दिख रही है।
सेफ़-हेवन के तौर पर सोने की मांग और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी से सोने में तेजी जारी रही। फ़ेड की नरम रुख़ वाली उम्मीदों और मध्य पूर्व में अस्थिरता को लेकर बढ़ती चिंताओं ने भी इसे सहारा दिया। इसके अलावा, दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की रिकॉर्ड सोना खरीद और अमेरिका के व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता ने तेजी को और बल दिया, जिससे XAU/USD साप्ताहिक उच्च स्तर पर पहुंच गया।
अमेरिकी डॉलर में नरमी के बावजूद Bitcoin (BTC/USD) और Ethereum (ETH/USD) पर दबाव बना हुआ है। बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता, अमेरिका-चीन व्यापार समझौते को लेकर संदेह और हाल ही में क्रिप्टो ETF से हुए आउटफ़्लो ने इन्हें दबाव में रखा है। Bitcoin लगातार तीसरे दिन गिरावट में है और सप्ताह की शुरुआत की तेज़ी पलट गई है, जबकि Ethereum अहम रेज़िस्टेंस से पीछे हटना जारी रखे हुए है।
अमेरिका से जुड़ी व्यापार और भू-राजनीतिक खबरों, मुद्रास्फीति के आंकड़ों और ब्रिटेन के कई डेटा जारी होने से बाज़ार में उतार-चढ़ाव बढ़ा। अब बाज़ार की दिशा के स्पष्ट संकेतों के लिए बाज़ार प्रतिभागियों की नज़र अमेरिका के साप्ताहिक बेरोज़गारी भत्ते के दावों, उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) और ECB अधिकारियों के भाषणों पर रहेगी। इन आंकड़ों से अमेरिकी डॉलर को मज़बूती मिलने की संभावना कम है, लेकिन ये EURUSD और GBPUSD की रिकवरी को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
हालांकि, अमेरिका-चीन व्यापार समझौते, अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता और ईरान पर इज़राइल की संभावित कार्रवाई से जुड़ी खबरें बाज़ार की दिशा तय करने में अहम होंगी। अगर इन खबरों से जोखिम से बचने की भावना कम होने के संकेत मिले, तो अमेरिकी डॉलर की हालिया बढ़त का कुछ हिस्सा घट सकता है, खासकर अगर PPI उम्मीदों से अधिक आए। इससे सोने और कच्चे तेल की कीमतों के हालिया उच्च स्तरों की परीक्षा हो सकती है और ऑस्ट्रेलिया तथा न्यूज़ीलैंड की मुद्राओं को कुछ नुकसान की भरपाई करने में मदद मिल सकती है। दूसरी ओर, जोखिम से जुड़ी कोई और नकारात्मक खबर हालिया रुझानों को बढ़ा सकती है—सोने और कच्चे तेल की कीमतें ऊपर जा सकती हैं, जबकि क्रिप्टो, शेयरों और बॉन्ड यील्ड में गिरावट आ सकती है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!