
शुक्रवार की शुरुआत में बाज़ार का रुझान नकारात्मक बना हुआ है। एशियाई ट्रेडर्स US President Donald Trump की टैरिफ घोषणाओं पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं, जिनमें China पर 10% अतिरिक्त बोझ का संकेत है और March में Canada तथा Mexico पर नियोजित टैरिफ की पुष्टि की गई है। China के प्रोत्साहन उपायों, US सरकार के फंडिंग बिल और Ukraine-Russia शांति समझौते में प्रगति की खबरों से निराशावाद कम करने की कोशिशों के बावजूद बाज़ार की चिंताएं बनी हुई हैं। जोखिम से बचने की इस भावना के साथ-साथ US Durable Goods Orders और Personal Consumption and Expenditure (PCE) के मजबूत आंकड़ों ने US Dollar Index (DXY) को लगातार तीन दिन की बढ़त दिलाई, जबकि Fed के हालिया बयानों में आक्रामक रुख नहीं था।
अमेरिकी डॉलर की मज़बूती से प्रमुख मुद्राओं, ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर, और सोने की कीमतों पर दबाव है, जबकि कच्चा तेल पिछले दिन की बढ़त गंवा रहा है। इस बीच, टोक्यो में महंगाई के नरम आँकड़ों के बावजूद USDJPY में तेज़ी की कमी है और क्रिप्टोकरेंसी एक साल से ज़्यादा समय की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रही हैं। शेयरों में भी गिरावट जारी है और आज जनवरी के अमेरिकी कोर PCE मूल्य सूचकांक से पहले दिशा नहीं मिल रही है। यह महंगाई का वह पैमाना है जिसे फ़ेड सबसे ज़्यादा महत्व देता है।
अमेरिकी डॉलर की मजबूती, संभावित EU-US व्यापार युद्ध की चिंताओं, यूरोज़ोन के कमजोर आंकड़ों और यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के नरम रुख के संकेतों के चलते EURUSD में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई है। इससे दो सप्ताह की गिरावट की संभावना दिख रही है। जर्मनी में मंदी की आशंका और लंबा खिंचता यूक्रेन-रूस युद्ध भी यूरो पर दबाव डाल रहे हैं।
इस बीच, GBPUSD में पिछले दिन की गिरावट जारी रही। ऐसा तब हुआ जब Lloyds Bank का यूके बिज़नेस सेंटीमेंट गेज सात महीने की गिरावट के सिलसिले को तोड़कर जनवरी में बढ़कर 49% पर पहुँच गया।
टोक्यो में महंगाई के नरम आंकड़ों के बावजूद USDJPY के लिए साप्ताहिक बढ़त बनाए रखना मुश्किल हो रहा है। येन की बढ़त में हिचकिचाहट बैंक ऑफ जापान के डिप्टी गवर्नर उचिडा की टिप्पणियों से जुड़ी हो सकती है। उन्होंने हाल के यील्ड उतार-चढ़ाव के बावजूद नीतिगत रुख में बदलाव न होने पर ज़ोर दिया और जापान की मध्यम आर्थिक रिकवरी का ज़िक्र किया। हालांकि, BoJ गवर्नर उएदा की यह टिप्पणी कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी की पुष्टि से पहले अमेरिकी मौद्रिक नीति पर नज़र रखी जाएगी, येन को कुछ समर्थन दे सकती है।
चीन के टैरिफ़ से जुड़ी खबरों के बाद प्रमुख करेंसी जोड़ियों में AUDUSD में सबसे बड़ी गिरावट आई। यह ऑस्ट्रेलिया और चीन के मज़बूत व्यापारिक संबंधों को दर्शाता है। नतीजतन, ऑस्ट्रेलिया के निजी क्षेत्र के क्रेडिट डेटा में जनवरी के दौरान कमजोरी के साथ, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की यह जोड़ी लगातार छठे दिन गिर गई।
इस बीच, NZDUSD में भी लगातार छह दिनों की गिरावट बढ़ी। इसकी वजह Reserve Bank of New Zealand (RBNZ) का नरम रुख, चीन को लेकर चिंताएं और मज़बूत अमेरिकी डॉलर रहे।
दूसरी ओर, USDCAD को पांच दिनों से जारी बढ़त बनाए रखने में मुश्किल हुई। गुरुवार को तेल की कीमतों में आई तेज़ी और आज कनाडा की GDP तथा अमेरिकी कोर PCE मूल्य सूचकांक के आंकड़ों से पहले बाज़ार में सतर्क रुख, दोनों ने इस करेंसी पेयर के खरीदारों के लिए चुनौती खड़ी की।



मज़बूत अमेरिकी डॉलर, चीन से जुड़ी व्यापार चिंताओं और महीने के अंत में हुई पोज़िशन कंसोलिडेशन के चलते सोने की कीमतें तीन हफ्तों के निचले स्तर पर पहुँच गईं। नतीजतन, बुलियन नौ हफ्तों में अपना पहला साप्ताहिक नुकसान दर्ज करने की राह पर है। हालांकि, वैश्विक केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर अलग-अलग राय, व्यापार और भू-राजनीति से जुड़ी जारी अनिश्चितता और बॉन्ड मार्केट की चाल ने सोने में गिरावट की उम्मीद करने वालों के लिए चुनौती खड़ी की है।
OPEC+ द्वारा उत्पादन बढ़ाने में देरी की चिंताओं के साथ चीन के प्रोत्साहन उपायों से जुड़ी ख़बरों और अमेरिका-ईरान तनाव ने पिछले दिन WTI क्रूड ऑयल में आई रिकवरी को सहारा दिया। हालांकि, शुक्रवार की शुरुआत में जोखिम से बचने के माहौल और अमेरिकी डॉलर की मज़बूती से इस ऊर्जा बेंचमार्क पर दबाव पड़ा।
व्यापक मार्केट की निराशावादी धारणा और Bybit हैकिंग की खबर के अलावा, किसी बड़े कारण के बिना क्रिप्टोकरेंसी पर भारी बिकवाली का दबाव है। इसके चलते, Bitcoin (BTCUSD) दिसंबर 2023 की शुरुआत के बाद अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रहा है, जबकि Ethereum (ETHUSD) मई 2021 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट की आशंका में है।
अमेरिकी डेटा और ट्रंप के बयानों से भरे उतार-चढ़ाव वाले गुरुवार के बाद, ट्रेडर्स शुक्रवार को सक्रिय बाजार की उम्मीद कर सकते हैं। जर्मनी की महंगाई, कनाडा की GDP और अमेरिकी फेडरल रिज़र्व के पसंदीदा महंगाई डेटा समेत कई अहम आंकड़े जारी होंगे। सीनेट के साथ ट्रंप की बैठक और टैरिफ़ लगाने की उनकी कोशिश से भी बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
मौजूदा जोखिम से बचने के रुख़ और अमेरिका के मज़बूत आँकड़ों को देखते हुए, अमेरिकी कोर PCE मूल्य सूचकांक में कोई भी सुधार फ़ेड की हालिया नरम बयानबाज़ी पर भारी पड़ सकता है और सप्ताह के अंत में अमेरिकी डॉलर को बढ़त दिला सकता है। इससे प्रमुख मुद्राओं, कमोडिटी और क्रिप्टोकरेंसी पर दबाव पड़ेगा।
सोने पर भी दबाव बना रह सकता है और इसमें आगे गिरावट आ सकती है। इसकी वजह तकनीकी स्तर का टूटना, महीने के अंत में कंसोलिडेशन और अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना है। XAUUSD $2,850 के समर्थन स्तर के करीब पहुंच रहा है। इस स्तर से नीचे गिरने पर सोने की कीमत $2,790 के समर्थन स्तर तक जा सकती है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!