
ईस्टर की छुट्टी से बाज़ार की हलचल सीमित रहने के बावजूद, अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर बढ़ती चिंताओं और सख़्त व्यापार व राजनीतिक नीतियों के बीच अमेरिकी डॉलर कमज़ोर बना हुआ है। ट्रेडर्स ने रूस, मध्य पूर्व और चीन के प्रोत्साहन उपायों से जुड़ी सकारात्मक खबरों को नज़रअंदाज़ किया और इसके बजाय अमेरिका के व्यापार युद्धों के नकारात्मक असर पर ध्यान दिया। IMF की बैठक शुरू होने के साथ, रूस के साथ अमेरिका समर्थित शांति प्रयासों और इज़राइल में संभावित संघर्ष-विराम को लेकर आशावाद भी USD की गिरावट नहीं रोक सका।
इसके चलते अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) मार्च 2022 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। Gold, EURUSD, GBPUSD, NZDUSD और AUDUSD समेत प्रमुख करेंसी और कमोडिटी में बढ़त दर्ज हुई, जबकि USDJPY और USDCAD कई महीनों के निचले स्तर पर आ गए। क्रूड ऑयल में गिरावट आई, लेकिन चीन और भारत में क्रिप्टोकरेंसी तथा शेयरों में बढ़त हुई। वहीं, टोक्यो के बाज़ार में गिरावट दर्ज की गई।
EURUSD नवंबर 2021 के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचा। अमेरिकी डॉलर की व्यापक कमजोरी और संभावित EU-US व्यापार समझौते को लेकर आशावाद से इसे बढ़ावा मिला, हालांकि ईस्टर मंडे की छुट्टी थी और ECB अधिकारियों ने EU में महंगाई और आर्थिक वृद्धि को लेकर चिंताएं जताई थीं।
अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और UK-US ट्रेड डील की बढ़ती उम्मीदों के बीच GBPUSD 6.5 महीने के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया है। फिलहाल UK की आर्थिक चिंताएं पीछे छूट गई हैं।
जापानी राजनयिक वॉशिंगटन से खाली हाथ लौटे और ट्रंप के साथ किसी भी “जल्दी समझौते” की संभावना को खारिज कर दिया। इसके बाद USDJPY 7 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। टैरिफ को लेकर चिंताओं और जापान में ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदों से सुरक्षित निवेश के रूप में येन की मांग बढ़ी है, खासकर वैश्विक व्यापार और भू-राजनीतिक तनाव के बीच। यह भी ध्यान देने योग्य है कि फेड की हॉकिश नीति को लेकर उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं, जिससे येन पेयर पर गिरावट का अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
कमजोर अमेरिकी डॉलर और चीन की प्रोत्साहन योजनाओं के चलते ऑस्ट्रेलियाई, न्यूज़ीलैंड और कनाडाई डॉलर (एंटिपोडियन) में बढ़त आई। इस दौरान RBA, RBNZ और BoC के नरम रुख को नज़रअंदाज़ किया गया। तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिका-कनाडा व्यापार संबंधों को लेकर चिंताओं के बावजूद, USDCAD अक्टूबर 2024 के बाद के सबसे निचले स्तर पर आ गया। वहीं, AUDUSD और NZDUSD ने 2025 के नए उच्च स्तर छुए।
कमज़ोर अमेरिकी डॉलर, चीन और भारत की मज़बूत मांग और सुरक्षित निवेश माने जाने की इसकी विशेषता से सोना $3,385 के करीब नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया। तेज़ी की धारणा मज़बूत होने के साथ, सोना $3,400 के पार जाने की राह पर है।
इस बीच, मध्य पूर्व में तनाव कम होने से क्रूड ऑयल को समर्थन मिला है। अमेरिका-ईरान शांति वार्ता आगे बढ़ रही है और हमास, इज़राइल के साथ लंबे समय के युद्धविराम की ओर बढ़ रहा है। हालांकि, व्यापार संरक्षणवाद के कारण ऊर्जा की मांग धीमी पड़ने और OPEC+ के तेल उत्पादन में वृद्धि की चिंताएं तेल खरीदारों पर दबाव डाल रही हैं। नरम अमेरिकी डॉलर से कुछ समर्थन मिलने के बावजूद ये चिंताएं बनी हुई हैं।



कमजोर अमेरिकी डॉलर और ईस्टर की छुट्टियों के दौरान बाज़ार में सक्रिय ट्रेडिंग से Bitcoin (BTCUSD) और Ethereum (ETHUSD) पहले हुए नुकसान से उबरे। टेक्निकल ब्रेकआउट और ट्रंप से जुड़ी आशावादिता ने भी इस तेजी को समर्थन दिया। हालांकि, क्रिप्टो में व्हाइट हाउस की भूमिका को लेकर चिंताएं, अमेरिकी SEC से मिले मिले-जुले अपडेट और ETF से बड़े पैमाने पर निवेश निकासी के कारण दोनों क्रिप्टोकरेंसी के buyers पर दबाव बना हुआ है।
ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, जर्मनी, स्विट्ज़रलैंड, फ़्रांस और यूके में छुट्टियों के चलते सोमवार को वैश्विक बाज़ारों में कारोबार सुस्त रहने की उम्मीद है। हालांकि, लंबी छुट्टी के बाद लौट रहे अमेरिकी ट्रेडर्स की गतिविधि से बाज़ार में हलचल बढ़ सकती है, क्योंकि वे अमेरिका के हालिया टैरिफ़ और राजनीतिक खबरों पर प्रतिक्रिया देंगे।
वहीं, अप्रैल के PMI के आंकड़े, अमेरिकी उपभोक्ता विश्वास और टिकाऊ वस्तुओं के ऑर्डर जैसे अहम आंकड़े इस छोटे कारोबारी सप्ताह में ट्रेडर्स को व्यस्त रखेंगे।
इसके बावजूद, ट्रंप की नीतियों को लेकर संदेह बने रहने से अमेरिकी डॉलर के कमजोर रहने की उम्मीद है। इससे अन्य प्रमुख करेंसी और कमोडिटी हालिया बढ़त को आगे बढ़ा सकती हैं।
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