
बुधवार को वैश्विक बाज़ारों में तेज़ उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिससे दिन की अहमियत साबित हुई। लंबे समय से प्रतीक्षित आर्थिक डेटा, केंद्रीय बैंकों के अपडेट और ट्रेडिंग व क्रिप्टोकरेंसी रेगुलेशन से जुड़े घटनाक्रमों से अहम संकेत मिले। दिन के अंत तक अमेरिकी डॉलर (USD) स्पष्ट रूप से सबसे मज़बूत रहा, इक्विटी में गिरावट आई, अमेरिकी ट्रेज़री बॉन्ड की अल्पकालिक यील्ड तेज़ी से बढ़ी और सोने व क्रिप्टोकरेंसी जैसी जोखिम वाली एसेट कमज़ोर हुईं।
दिन की शुरुआत जर्मनी, यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिका (US) के दूसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आंकड़ों से हुई। जर्मनी और EU के नतीजे मिले-जुले रहे, जबकि अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए तिमाही-दर-तिमाही 3.0% की वृद्धि दर्ज की। इस सकारात्मक रुझान को बल देते हुए, अमेरिका के ADP Employment Change में जुलाई के दौरान 104,000 नौकरियों की मज़बूत बढ़त दिखी, जो पिछले आंकड़ों और बाज़ार के पूर्वानुमानों—दोनों से ज़्यादा थी। इससे शुक्रवार की अहम श्रम बाज़ार रिपोर्ट, जिसमें मुख्य Nonfarm Payrolls (NFP) आंकड़े शामिल हैं, को लेकर उम्मीदें बढ़ गईं।
अमेरिका के फेडरल रिज़र्व (Fed) ने बेंचमार्क ब्याज दर को अपरिवर्तित रखकर बाजार की उम्मीदों के अनुरूप फैसला किया। हालांकि, दो नीति-निर्माताओं ने असहमति जताई—यह एक दुर्लभ बात है और संभवतः राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बार-बार की गई दर कटौती की मांगों के समर्थन में था। इसके बावजूद, फेडरल रिज़र्व के चेयर जेरोम पॉवेल ने अमेरिकी आर्थिक विकास, रोज़गार और महंगाई को लेकर आशावाद जताया। उन्होंने अपनी "इंतज़ार करें और देखें" वाली नीति पर ज़ोर दिया और तुरंत नीतिगत ढील देने के राजनीतिक दबाव का विरोध किया।
व्यापार नीति के मोर्चे पर, राष्ट्रपति ट्रंप ने दक्षिण कोरिया और भारत के साथ नए समझौतों की घोषणा की, जिनमें क्रमशः 15% और 25% टैरिफ शामिल हैं। उन्होंने यूक्रेन में रूस की जारी कार्रवाई के कारण मॉस्को को अलग-थलग करने की वैश्विक कोशिशों के बीच रूस के साथ भारत के बढ़ते व्यापार की आलोचना की। इसके अलावा, अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने कंबोडिया और थाईलैंड के साथ नए व्यापार समझौतों की पुष्टि की, जो रणनीतिक व्यापार में और बदलाव का संकेत देते हैं।
एशिया में जापान के औद्योगिक उत्पादन और retail बिक्री के आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे। ऑस्ट्रेलिया में भी retail बिक्री और बिल्डिंग परमिट में सुधार हुआ, हालांकि निजी क्षेत्र के क्रेडिट की रफ्तार धीमी रही। आयात और निर्यात मूल्य सूचकांक के निराशाजनक आंकड़ों ने दबाव बढ़ाया। वहीं, रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के डिप्टी गवर्नर एंड्रयू हॉसर की सतर्क टिप्पणियों से बाजार में नरम रुख की धारणा को बल मिला। गुरुवार को अमेरिकी डॉलर में कुछ कमजोरी के बावजूद इससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD) की शुरुआती बढ़त सीमित रही।
जुलाई के लिए चीन के आधिकारिक Purchasing Managers’ Index (PMI) के आंकड़ों ने लगातार बनी कमज़ोरी को दर्शाया। Manufacturing PMI लगातार चौथे महीने संकुचन में रहा, जबकि Non-Manufacturing PMI नवंबर 2024 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया। यह सेवाओं और समग्र आर्थिक गतिविधि में धीमी रिकवरी का संकेत देता है।
बैंक ऑफ़ कनाडा (BoC) और बैंक ऑफ़ जापान (BoJ), दोनों ने अपनी मौद्रिक नीतियों में कोई बदलाव नहीं किया। BoC ने जारी आर्थिक अनिश्चितता का हवाला दिया, जबकि BoJ ने महंगाई का अपना अनुमान बढ़ाया। इससे 2025 के आखिर या 2026 की शुरुआत में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना का संकेत मिलता है। इसके चलते, कच्चे तेल की मज़बूत कीमतों के बावजूद कनाडाई डॉलर (CAD) गिरा। वहीं, चार दिन की लगातार गिरावट के बाद जापानी येन (JPY) ने कुछ बढ़त हासिल की। BoJ के थोड़े सख़्त रुख और बाज़ार में कुल मिलाकर सतर्कता से येन को सहारा मिला।
ऊर्जा क्षेत्र में, अमेरिका के आधिकारिक साप्ताहिक क्रूड ऑयल इन्वेंटरी आँकड़ों ने अप्रत्याशित बढ़ोतरी की पुष्टि की, जो पहले के निजी सर्वेक्षणों के अनुरूप थी। इन्वेंटरी बढ़ने के बावजूद, वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल पाँच हफ्तों के नए उच्च स्तर पर पहुँचा और फिर थोड़ी गिरावट आई।
कॉरपोरेट मोर्चे पर, Meta और Microsoft ने दूसरी तिमाही में मज़बूत नतीजे पेश किए और रेवेन्यू व मुनाफ़े, दोनों के अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया। इनके नतीजों से Apple और Amazon की आगामी अर्निंग्स रिपोर्ट से पहले टेक्नोलॉजी निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
कमज़ोर यूरोपीय संघ के आंकड़ों, यूरोपीय संघ-अमेरिका व्यापार तनाव को लेकर बनी चिंताओं और रूस-यूक्रेन संघर्ष से जुड़े भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण यूरो (EUR) पर दबाव बना रहा। इस बीच, कमजोर ब्रिटेन-अमेरिका व्यापार वार्ताओं और USD की व्यापक मज़बूती के चलते ब्रिटिश पाउंड (GBP) अमेरिकी डॉलर के मुकाबले और गिरा। न्यूज़ीलैंड डॉलर (NZD) पांच हफ्तों के निचले स्तर से उछलकर लगातार पांच दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ने में कामयाब रहा, जबकि सोना एक महीने के निचले स्तर तक गिरने के बाद मामूली रिकवरी में आया।
क्रिप्टोकरेंसी क्षेत्र में, व्हाइट हाउस ने लंबे समय से प्रतीक्षित “Crypto Policy Report” जारी की। इसमें United States Congress से डिजिटल एसेट संबंधी कानूनों को मज़बूत करने का आग्रह किया गया और नियामकों से नवाचार को समर्थन देने के लिए विशेष छूट लागू करने को कहा गया। इस कदम का मकसद Donald Trump की “क्रिप्टो-समर्थक” छवि को मज़बूत करना था। हालांकि, रिपोर्ट में Bitcoin या डिजिटल एसेट रिज़र्व का सीधा ज़िक्र नहीं था, जिससे प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी को सीमित राहत मिली। कमजोर US Dollar से कुछ राहत मिलने के बावजूद, Bitcoin (BTCUSD) और Ethereum (ETHUSD) दोनों पर दबाव बना रहा।
गुरुवार की शुरुआत में अमेरिकी डॉलर के पीछे हटने से EURUSD सात हफ्तों के निचले स्तर से उछला। इससे GBPUSD को भी मई के मध्य के बाद के अपने सबसे निचले स्तर से उबरने में मदद मिली। हालांकि, अमेरिकी डॉलर की पहले की मजबूती और यूरोप तथा यूके में व्यापारिक और राजनीतिक तनावों ने EURUSD और GBPUSD, दोनों को कई दिनों के निचले स्तर तक खींच दिया था। नतीजतन, दोनों करेंसी पेयर 6 महीनों में अपना पहला मासिक नुकसान दर्ज करने की राह पर हैं।



मज़बूत अमेरिकी डॉलर, अमेरिका-जापान व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता और इस उम्मीद के चलते कि Bank of Japan (BoJ) 2025 तक ब्याज दरें स्थिर रखेगा, USDJPY अप्रैल की शुरुआत के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, गुरुवार को BoJ ने अपने महंगाई के अनुमान बढ़ाए और संकेत दिया कि अगर महंगाई, आर्थिक वृद्धि और रोज़गार के आंकड़े इसकी पुष्टि करते हैं, तो वह ब्याज दरें बढ़ाने के लिए तैयार है—यह बढ़ोतरी 2025 के आखिर में भी हो सकती है। इस बदलाव के बाद USDJPY कई दिनों के उच्च स्तर से नीचे आया और एक हफ्ते से भी अधिक समय में इसकी सबसे बड़ी दैनिक गिरावट दर्ज हुई।
गुरुवार की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई, न्यूज़ीलैंड और कनाडाई डॉलर में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मामूली बढ़त दर्ज हुई, हालांकि तीनों के साप्ताहिक और मासिक नुकसान में रहने की आशंका है। खुदरा बिक्री और बिल्डिंग परमिट के मजबूत डेटा से AUDUSD की पांच दिन की गिरावट का सिलसिला टूटा, लेकिन रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के डिप्टी गवर्नर की नरम रुख वाली टिप्पणियों और चीन के कमजोर PMI डेटा ने रिकवरी को सीमित रखा। इसी तरह, NZDUSD ने छह सत्रों में पहली दैनिक बढ़त दर्ज की, लेकिन इसमें ऊपर की ओर गति सीमित रही। इस बीच, बैंक ऑफ़ कनाडा के नरम रुख वाले ठहराव और अमेरिका-कनाडा व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता के दबाव में USDCAD नौ सप्ताह के उच्च स्तर से नीचे आया और इसकी पांच दिन की तेजी का सिलसिला टूट गया। हालांकि, कच्चे तेल की मजबूत कीमतों से इसे समर्थन मिला।
सोना पांच सप्ताह के निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहा है। जून के आखिर के बाद की सबसे बड़ी दैनिक गिरावट दर्ज करने के बाद यह मामूली रिकवरी की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी डॉलर की तेजी पर विराम और सेफ-हेवन मांग फिर से बढ़ने से इस उछाल को समर्थन मिला है। हालांकि, Federal Reserve का आक्रामक रुख, USD की कुल मजबूती और चीन से आई नकारात्मक खबरें अब भी दबाव बनाए हुए हैं। बुधवार को चीन ने अपने गोल्ड Exchange-Traded Funds (ETFs) से अब तक की सबसे बड़ी निकासी की जानकारी दी, क्योंकि निवेशकों ने इक्विटी का रुख किया। गुरुवार को आई रिपोर्टों में मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक लगाने के लिए सोने की खरीद पर सरकार की सख्ती का खुलासा हुआ। इसका असर दुनिया के सबसे बड़े सोना खरीदारों में से एक की मांग पर अप्रत्यक्ष रूप से पड़ रहा है।
इस बीच, अमेरिका के साप्ताहिक इन्वेंटरी आंकड़ों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी के बावजूद, सप्लाई को लेकर चिंताओं से क्रूड ऑयल की कीमतें मज़बूत बनी रहीं। इन चिंताओं को पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की रूस-यूक्रेन शांति समझौते की कोशिशों से बल मिला। उन्होंने मॉस्को को 10 दिन की समयसीमा दी और समझौता न होने पर प्रमुख खरीदारों पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी—यह कदम बुधवार को भारत के खिलाफ उठाए गए ट्रेड संबंधी कदम जैसा है। मध्य पूर्व में जारी तनाव ने भी सप्लाई की चिंताएं बढ़ाईं। हालांकि, पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन और उसके सहयोगियों (OPEC+) का उत्पादन बढ़ने से कीमतों में आगे की बढ़त सीमित रही।
Bitcoin (BTCUSD) में लगातार तीन दिनों से जारी गिरावट थमी, लेकिन इसमें तेज़ी की मज़बूत गति नहीं दिखी। वहीं, Ethereum (ETHUSD) पिछले दिन की रिकवरी को बस मामूली रूप से बनाए रख सका। अमेरिकी डॉलर की व्यापक मज़बूती और महीने के अंत में बाज़ार में आम तौर पर होने वाले कंसोलिडेशन से दोनों क्रिप्टोकरेंसी पर दबाव पड़ा। व्हाइट हाउस की Crypto Policy Report से सेंटीमेंट और कमज़ोर हुआ। रिपोर्ट में नियामकों और कांग्रेस से क्रिप्टो के अनुकूल कानूनों का समर्थन करने की अपील की गई, लेकिन Bitcoin रिज़र्व का ज़िक्र नहीं था। इससे निवेशक निराश हुए और क्रिप्टो बाज़ार का आशावाद सीमित रहा। ध्यान देने वाली बात यह है कि रिपोर्ट में altcoins पर ज़ोर देने से गुरुवार की शुरुआत में सेंटीमेंट थोड़ा सकारात्मक रहा।
बुधवार को बाज़ार में उथल-पुथल की वजह अमेरिका के मज़बूत GDP आंकड़े, फेडरल ओपन मार्केट कमिटी (FOMC) का फैसला और व्हाइट हाउस की क्रिप्टो नीति रिपोर्ट थी। हालांकि, ट्रेडर्स के लिए स्थिति अब भी साफ नहीं है। अब ध्यान गुरुवार को जारी होने वाले अहम आंकड़ों पर है—अमेरिका के बेरोज़गारी दावे और कोर पर्सनल कंज़म्प्शन एक्सपेंडिचर्स (PCE) प्राइस इंडेक्स पर, जो फेडरल रिज़र्व का पसंदीदा महंगाई संकेतक है। इसके अलावा, Apple और Amazon की दूसरी तिमाही की आय और हालिया फेड संकेतों तथा व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों पर बाज़ार की प्रतिक्रिया पर भी नज़र रहेगी। 1 अगस्त की टैरिफ समय-सीमा से पहले अमेरिका के साथ व्यापार समझौतों को अंतिम रूप देने की वैश्विक कोशिशें भी बाज़ार के रुख को प्रभावित कर सकती हैं।
इस माहौल में, आने वाले अमेरिकी आंकड़े अमेरिकी डॉलर की मज़बूती पर अस्थायी विराम लगा सकते हैं, जिससे सोने, जापानी येन और अन्य प्रमुख एसेट्स को उबरने का मौका मिल सकता है। हालांकि, जब तक व्हाइट हाउस की नीति रिपोर्ट स्पष्ट या संशोधित नहीं होती, क्रिप्टोकरेंसी पर दबाव बना रह सकता है। इस बीच, टेक कंपनियों की कमाई को लेकर आशावाद और दुनिया भर में जारी अनिश्चितता के सहारे शेयरों और बॉन्ड यील्ड में बढ़त जारी रह सकती है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!